संजय टाइगर रिजर्व की पहल,बेरोजगारी से रोजगार तक..
8 वन ग्रामों के 35 युवाओं को मिला एल&टी कंपनी में प्रशिक्षण का सुनहरा अवसर..
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संजय सिंह मझौली सीधी
संजय टाइगर रिजर्व प्रबंधन सीधी द्वारा टाइगर रिजर्व के सुदूर एवं जंगल से सटे ग्रामीण क्षेत्रों के बेरोजगार युवाओं को रोजगार से जोड़ने हेतु एक अभिनव पहल की गई है।जिसे “बेरोजगारी से रोजगार तक” नाम दिया गया है।
टाइगर रिजर्व प्रबंधन एवं ईको विकास समितियों के संयुक्त तत्वावधान में दिनांक 05, 06 एवं 07 अक्टूबर 2026 को वन ग्रामों में विशेष काउंसलिंग शिविर आयोजित किए गए।उक्त शिविर में एल &टी कंपनी,लखनादौन (जिला सिवनी) कौशल विकास केंद्र के इंचार्ज कमल चंद्रवंशी द्वारा युवाओं को रोजगार के अवसरों के बारे में विस्तार से समझाया गया। काउंसलिंग के अनुक्रम में आज दिनांक *12/10/2026* को अनुराग कुमार,क्षेत्र संचालक संजय टाइगर रिजर्व एवं राजेश कन्ना टी.,उप संचालक संजय टाइगर रिजर्व के निर्देश एवं मार्गदर्शन में चयनित युवाओं को मड़वास रेलवे स्टेशन से लखनादौन कौशल विकास प्रशिक्षण केंद्र के लिए रवाना किया गया।
इन ग्रामों के 35 युवा हुए रवाना:
इस योजना के तहत डेवा, खरबर,उमरिया,बिटखुरी, गिजोहर,बस्तुआ, टमसार-मेढ़की एवं रौहाल ग्राम के कुल 35 युवा जो 18 से 35 वर्ष आयु वर्ग के हैं और 8वीं से 12वीं तक पढ़ाई छोड़कर मजदूरी करने को मजबूर थे,उन्हें प्रशिक्षण हेतु भेजा गया है।
रवाना करने के दौरान परिक्षेत्र अधिकारी बस्तुआ कैलाश बामनिया,जिला स्तरीय ईको समिति अध्यक्ष ओमप्रकाश पटेल,परिक्षेत्र सहायक डेवा राकेश कुमार प्रजापति, गगन नेटीया सहित वन अमला उपस्थित रहा।
इस अवसर पर परिक्षेत्र अधिकारी बस्तुआ कैलाश बामनिया ने कहा कि “कौशल विकास प्रशिक्षण” एक ऐसा प्रशिक्षण है जो बेरोजगारी से रोजगार तक का पुल है।यह सिर्फ हुनर नहीं सिखाता, बल्कि एक युवा को आत्मनिर्भर बनाकर उसके पूरे परिवार की तस्वीर बदल देता है।हमारा प्रयास है कि टाइगर रिजर्व के अंदर बसे युवा हुनरमंद बनें और देश के विकास में भागीदार बनें।
उल्लेखनीय है कि चयनित युवाओं को लखनादौन केंद्र में 2 माह का निःशुल्क आवासीय प्रशिक्षण,भोजन, रहना कंपनी द्वारा दिया जाएगा एवं प्रशिक्षण पूर्ण होने के पश्चात कंपनी की देशभर में स्थित इकाइयों में रोजगार प्रदान किया जाएगा।
ग्रामीणों एवं युवाओं ने इस पहल के लिए संजय टाइगर रिजर्व प्रबंधन का आभार व्यक्त किया है।इस पहल से ग्रामीणों में खुशी देखी गई।



