सिंगरौली। नॉर्दर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एनसीएल) की अमलोरी परियोजना में कोयला डिस्पैच व्यवस्था को लेकर कुछ ट्रांसपोर्टरों ने सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि डिस्पैच प्रक्रिया में पारदर्शिता और सभी ट्रांसपोर्टरों को समान अवसर सुनिश्चित किए जाने की आवश्यकता है। मामले को लेकर ट्रांसपोर्टरों के बीच असंतोष की चर्चा भी सामने आ रही है।
ट्रांसपोर्टरों के अनुसार कोयला डिस्पैच और लोडिंग व्यवस्था की निष्पक्ष समीक्षा की जानी चाहिए, ताकि वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सके और सभी संबंधित पक्षों को समान अवसर मिल सके। उनका आरोप है कि कुछ मामलों में प्राथमिकता को लेकर भ्रम की स्थिति बनी हुई है, जिससे कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
कुछ ट्रांसपोर्टरों ने लोडिंग और डिस्पैच प्रक्रिया की निगरानी व्यवस्था को और अधिक पारदर्शी बनाने की मांग की है। हालांकि, इन आरोपों और दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है तथा इस संबंध में परियोजना प्रबंधन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
ट्रांसपोर्टरों का कहना है कि यदि किसी प्रकार की शिकायतें हैं तो उनकी समयबद्ध और निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उनका मानना है कि पारदर्शिता और समान अवसर की व्यवस्था किसी भी सार्वजनिक उपक्रम की विश्वसनीयता को मजबूत करती है।
वहीं, ट्रांसपोर्टरों के बीच यह मांग भी उठ रही है कि अमलोरी परियोजना के महाप्रबंधक पूरे मामले की समीक्षा कराएं। उनका कहना है कि यदि किसी प्रकार की प्रक्रियागत कमी या अनियमितता सामने आती है तो आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाए जाने चाहिए, जिससे सभी पक्षों का विश्वास बना रहे।


