आखिर किसके शह पर हो रहा रेत का खुला कारोबार,जिम्मेदार विभाग के अधिकारी झाड़ रहे पल्ला..
संजय सिंह मझौली सीधी
तहसील क्षेत्र मझौली अंतर्गत कई ग्रामों की सीमा से रेत का का अवैध कारोबार हो रहा है वहीं जब जिम्मेवार विभाग के अधिकारीयों से इस पर जब चर्चा की जाती है तो यह कहकर कि हमें जानकारी नहीं है और पल्ला झाड़ लेते हैं।जिससे सवाल पैदा होता है कि आखिर किसके शह पर रेत का खुला कारोबार हो रहा है?
सूत्रों के मुताबिक ग्राम बोदारी टोला,चमराडोल,परसिली, नौढ़िया,घोघी के सीमा से बहने वाली बनास नदी जहां एक तरफ संजय टाइगर एवं दूसरी तरफ सोन घड़ियाल के लिए प्रतिबंधित क्षेत्र है वहां से मशीन से निकाल कर रेत का कारोबार हो रहा है।
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इन ग्रामों के नदी नाले से भी होता है रेत का कारोबार
इसी तरह ग्राम नेबूहा, धनौली,खमचौरा, पांड,पोड़ी,सेमरिहा,चमराडोल के सीमा में बहने वाली पड़वारी नदी से भी रेत का कारोबार होता है व ग्राम छुही,तिलवारी,पोंडी,गंगेई, जैसे ग्रामों की सीमा से बहने वाली महान नदी से भी रेत का कारोबार होता है।
जानकारों के मुताबिक क्षेत्र में रेत क्रय बिक्रय पर पूर्ण प्रतिबंध लगा है वहीं रेत कारोबार पर अंकुश लगाने के लिए खनिज विभाग तो प्रमुख है इसके अलावा राजस्व विभाग,वन विभाग,संजय टाइगर एवं सोन घड़ियाल की भी बराबर जिम्मेदारी होती है लेकिन सभी विभाग कागजों में औपचारिकता पूरी कर रहे हैं जबकि जमीनी स्तर पर रेत माफिया को पूरी तरह सक्रिय हैं जिससे जिम्मेदार विभागों पर सवाल उठना स्वाभाविक है।
क्या पुलिस विभाग की नहीं है जिम्मेदारी
रेत कारोबार के संबंध में एक तरफ पुलिस विभाग का दो टूक जवाब रहता है कि यह उनका विभाग नहीं है जब खनिज विभाग अथवा राजस्व विभाग या वन विभाग पुलिस बल की मांग करेगा तो उन्हें बल उपलब्ध कराया जाएगा। लेकिन सारी रात पुलिस की गाड़ी क्षेत्र में दौड़ती रहती है ताकि क्षेत्र में अवैधानिक कारोबार या गतिविधि पर अंकुश लगाया जा सके फिर पुलिस के निगाह में रेत कारोबार शायद अवैधानिक नहीं है इसलिए कार्यवाही नहीं की जाती है। सवाल यही खत्म नहीं हो जाता है क्योंकि कुछ रेत परिवहन वाहनों के खिलाफ पुलिस द्वारा कार्यवाही भी की जाती है पर अगर उनकी जिम्मेदारी नही है तो फिर पकड़ती क्यों है सूत्रों का दावा है कि अगर निष्पक्ष कार्यवाही की जाए तो एक रात में ही रेत परिवहन के सैंकड़ो प्रकरण दर्ज हो सकते हैं और अवैध रेत कारोबार में अंकुश भी लग सकता है।
कई जगह है रेत भंडारित
सूत्रों के मुताबिक रेत का कारोबार रात में होता है जो सुबह 8:00 बजे तक जारी रहता है। ऐसे में नदियों से रेत उत्तखनन कर निर्धारित स्थान में उसे भंडारित किया जाता है जहां से बड़े वाहनों हाइवा वगैरह में लोड कर परिवहन किया जाता है और कभी-कभार ज्यादा रेत भंडारित हो जाने के कारण वह अगले दिन के लिए भंडार स्थल में रहता है जिसका नमूना ग्राम परसिली,चमराडोल एवं सेमरिहा में देखा जा सकता है।
इनका कहना
मेरा स्थानांतरण हो गया है प्रभार का आदान-प्रदान हो रहा है फिर भी प्रभारी को सूचित करता हूं जिनके द्वारा जांच व कार्यवाही की जाएगी।
सतीश चंद्र मिश्रा परिक्षेत्र अधिकारी मझौली
आपके द्वारा अवगत कराया गया है तो उसकी जांच कार्यवाही की जाएगी और रेत उत्खनन रोकने के लिए हर संभव प्रयास किया जाएगा।
प्रमोद सिंह अनुविभागीय अधिकारी सोन घड़ियाल
रेत कारोबार के खिलाफ समय-समय पर मेरे द्वारा कार्रवाई की जाती है
मामला संज्ञान में दिया गया है तो फिर जांच कार्यवाही की जाएगी।
दिलीप सिंह तहसीलदार मझौली



