अवैध रेत उत्खनन एवं परिवहन पर रोक लगाने की मांग,29 अक्टूबर से चक्काजाम की चेतावनी।

अमित श्रीवास्तव

Reporter | Updated: 22 Oct 2026, 11:14 AM IST | 0 min read
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# अवैध रेत उत्खनन और परिवहन पर रोक लगाने की मांग, 29 अक्टूबर से चक्काजाम की चेतावनी

**गोपद नदी के क्षतिग्रस्त पुल से हो रहा रेत का परिवहन, भदौरा रेलवे गेट के पास आंदोलन की चेतावनी देकर कलेक्टर को सौंपा आवेदन**

**सीधी/कुसमी।** सीधी जिले के कुसमी क्षेत्र में अवैध तरीके से रेत उत्खनन और परिवहन का आरोप लगाते हुए ग्राम भदौरा निवासी आनंद सिंह ददुआ ने कलेक्टर को आवेदन सौंपकर कार्रवाई की मांग की है। आवेदन में चेतावनी दी गई है कि यदि रेत निकासी पर रोक नहीं लगाई गई, तो 29 अक्टूबर 2026 से भदौरा रेलवे गेट के पास चक्काजाम आंदोलन शुरू किया जाएगा।

आवेदन के अनुसार, सिंगरौली जिले की हरदी रेत खदान का ठेका ग्लोबल कंपनी को मिला है। आरोप है कि कंपनी द्वारा गोपद नदी पर बने क्षतिग्रस्त पुल के रास्ते रेत का परिवहन किया जा रहा है। पुल के बीच में भारी वाहन खड़े कर मशीनों से रेत लोड किए जाने की बात भी आवेदन में कही गई है। इससे पुल की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई गई है।

**क्षतिग्रस्त पुल से भारी वाहनों की आवाजाही पर सवाल**

आवेदन में बताया गया है कि गोतरा से महखोर की ओर जाने वाले मार्ग पर गोपद नदी का पुल क्षतिग्रस्त है। पुल के नीचे पावा भरकर आवागमन जारी होने और पुल के किनारे टूटे होने के बावजूद भारी वाहनों के गुजरने से दुर्घटना की आशंका जताई गई है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि रेत से भरे भारी वाहनों की आवाजाही से सड़क भी क्षतिग्रस्त हो रही है और स्थानीय व्यापारियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि 80 से 90 टन तक रेत लदे वाहन प्रधानमंत्री सड़क से गुजरते हैं, जबकि सड़क पर भारी वाहनों के आवागमन से नुकसान होने की आशंका है। आवेदक ने प्रशासन से मामले की जांच कराकर रेत परिवहन पर रोक लगाने की मांग की है।

**एक सप्ताह में कार्रवाई की मांग**

आनंद सिंह ददुआ ने आवेदन में मांग की है कि एक सप्ताह के भीतर अवैध रेत उत्खनन और परिवहन पर प्रभावी रोक लगाई जाए। कार्रवाई नहीं होने पर 29 अक्टूबर को भदौरा रेलवे गेट के पास चक्काजाम आंदोलन करने की चेतावनी दी गई है। आवेदन की प्रतिलिपि पुलिस अधीक्षक सीधी, अनुविभागीय अधिकारी कुसमी, तहसीलदार कुसमी तथा कुसमी एवं मड़वास थाना प्रभारियों को भी दी गई है।

अब देखना होगा कि शिकायत पर जिला प्रशासन और संबंधित विभाग क्या कार्रवाई करते हैं।