धर्मानंतरण के विरोध मे सीधी मे हुआ पैदल मार्च, जाने पूरा मामला

मनोज शुक्ला सम्पादक

Editor | Updated: 22 Oct 2026, 11:32 AM IST | 0 min read
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धर्मांतरण के विरोध में सीधी में पैदल मार्च, कलेक्ट्रेट पहुंचकर सौंपा ज्ञापन

धर्म रक्षा समिति के बैनर तले सैकड़ों लोग हुए शामिल, धर्मांतरण के मामलों में कार्रवाई और सख्त कानून बनाने की उठाई मांग

सीधी। जिले में धर्मांतरण के मामलों को लेकर गुरुवार को धर्म रक्षा समिति के बैनर तले विरोध प्रदर्शन किया गया। दोपहर करीब 3 बजे पूजा पार्क से निकला पैदल मार्च सम्राट चौराहे से होते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचा। इसमें सैकड़ों की संख्या में लोग शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने कलेक्टर विकास मिश्रा को ज्ञापन सौंपकर धर्मांतरण के मामलों में कार्रवाई करने और इस पर रोक लगाने के लिए सख्त कानून बनाने की मांग की।

धर्म रक्षा समिति के इस कार्यक्रम में समाजसेवियों, राजनीतिक प्रतिनिधियों और अन्य लोगों ने हिस्सा लिया। समिति का कहना है कि सीधी जिले में धर्मांतरण से जुड़े मामले लगातार सामने आ रहे हैं। हाल ही में सीधी शहर के जमोड़ी थाना क्षेत्र में भी धर्मांतरण से संबंधित मामला सामने आया था, जिसमें एफआईआर दर्ज की गई थी। इसके अलावा जिले के अन्य क्षेत्रों में भी इस तरह के मामले सामने आने और प्रकरण दर्ज होने का हवाला देते हुए प्रदर्शनकारियों ने चिंता जताई।

प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि बाहरी क्षेत्रों से आने वाले कुछ लोग अनुसूचित जाति और जनजाति के परिवारों को निशाना बनाकर उनका धर्म परिवर्तन कराने का प्रयास करते हैं। उन्होंने प्रशासन से ऐसे मामलों की निष्पक्ष जांच कराने और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करने की मांग की।

भाजपा नेता एवं जनपद पंचायत अध्यक्ष सीधी धर्मेंद्र सिंह परिहार ने कहा कि धर्मांतरण से जुड़ी गतिविधियों को लेकर केवल सीधी ही नहीं, बल्कि मध्य प्रदेश और देश के अन्य हिस्सों में भी चिंता जताई जा रही है। उन्होंने कहा कि इस तरह के मामलों पर प्रभावी रोक लगाने के लिए सख्त कानून बनाए जाने की आवश्यकता है।

परिहार के अनुसार, सीधी जिले में सामने आए धर्मांतरण से जुड़े मामलों में तत्काल कार्रवाई की मांग कलेक्टर और मुख्यमंत्री से की गई है। ज्ञापन के माध्यम से प्रशासन का ध्यान इस मुद्दे की ओर आकर्षित करते हुए संबंधित मामलों की जांच और आवश्यक कदम उठाने का आग्रह किया गया।

पैदल मार्च के जरिए प्रदर्शनकारियों ने धर्मांतरण से जुड़े मामलों पर प्रशासन से गंभीरता से कार्रवाई करने की मांग उठाई।