गहरे गड्ढे से होकर स्कूल और कोचिंग जाने को मजबूर बच्चे, एंबुलेंस भी बस्ती तक पहुंचने में असमर्थ

मनोज शुक्ला सम्पादक

Editor | Updated: 04 Oct 2026, 06:05 AM IST | 0 min read
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इस बार की बारिश में बहा सरकारी रास्ता, 200 परिवारों का आवागमन प्रभावित

गहरे गड्ढे से होकर जाते स्कूल और कोचिंग को मजबूर बच्चे, एंबुलेंस भी बस्ती तक पहुंचने में असमर्थ,शिकायत पर तहसीलदार ने पंचायत कर्मचारियों को दिए तत्काल व्यवस्था के निर्देश

सीधी जिले के रामपुर नैकिन ब्लॉक अंतर्गत ग्राम शिकारगंज में बारिश के दौरान पानी के तेज बहाव से सरकारी रास्ता बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया है। इस रास्ते के बीच गहरी कटान और बड़ा गड्ढा बन जाने के कारण ग्रामीणों का आवागमन मुश्किल हो गया है। जहाँ इस रास्ते के आगे करीब 150 से 200 परिवारों की आदिवासी बस्ती स्थित है, जिनके लिए यह रास्ता मुख्य आवागमन का साधन है।

वही ग्रामीण शैलेन्द्र सिंह ने बताया कि रास्ता खराब होने के कारण बस्ती के लोगों को रोजाना परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। अब सबसे अधिक समस्या बच्चों को हो रही है। रविवार सुबह करीब 10 बजे जब बच्चे कोचिंग के लिए जा रहे थे, तो उन्हें इसी क्षतिग्रस्त रास्ते और गहरे गड्ढे से होकर गुजरना पड़ा। वही कई अभिभावक बच्चों को मुख्य सड़क तक छोड़ने और वापस लेने के लिए मजबूर हैं।

आपात स्थिति में बढ़ जाती है परेशानी

गौरतलब है कि रास्ते की स्थिति इतनी खराब है कि एंबुलेंस सहित अन्य चारपहिया वाहन बस्ती तक नहीं पहुंच पा रहे हैं। यदि कोई व्यक्ति बीमार पड़ जाए या अचानक कोई आपात स्थिति उत्पन्न हो जाए तो मरीज को करीब एक किलोमीटर दूर मुख्य सड़क तक ले जाना पड़ता है। जहाँ ऐसे में बारिश के दौरान समस्या और गंभीर हो जाती है।

जहाँ ग्रामीणों के मुताबिक रास्ते की मरम्मत के लिए सरपंच और सचिव को कई बार जानकारी दी गई, लेकिन अब तक स्थायी सुधार नहीं हो सका है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मौके का निरीक्षण कर जल्द से जल्द रास्ते की मरम्मत कराने की मांग की है।

तहसीलदार ने दिए तत्काल व्यवस्था के निर्देश

इस मामले को लेकर रविवार को ग्रामीणों ने रामपुर नैकिन तहसीलदार आशीष मिश्रा से शिकायत की। अब तहसीलदार ने मामले को गंभीरता से लेते हुए ग्राम पंचायत के कर्मचारियों को तत्काल आवश्यक व्यवस्था करने के निर्देश दिए। जहा उन्होंने कहा कि सड़क और रास्ता लोगों की मूलभूत आवश्यकता और मौलिक अधिकार से जुड़ा विषय है, इसलिए ग्रामीणों को आवागमन की सुविधा उपलब्ध कराना आवश्यक है।

अब ग्रामीणों को उम्मीद है कि प्रशासन के निर्देश के बाद क्षतिग्रस्त रास्ते की जल्द मरम्मत कराकर आवागमन बहाल किया जाएगा।