गोपत पुल क्षतिग्रस्त होने की हुई पुष्टी,खबर का असर,सेतु निर्माण विभाग ने खनिज अधिकारी को लिखा पत्र।

अमित श्रीवास्तव

Reporter | Updated: 23 Oct 2026, 12:35 PM IST | 1 min read
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गोपद नदी पर बने पुल पर ओवरलोड वाहनों का कहर, मीडिया में खबर आने के बाद प्रशासन सक्रिय; सेतु निर्माण विभाग ने खनिज अधिकारी को लिखा पत्र।*

सीधी (मध्य प्रदेश):
सीधी जिले के गोतरा–निवास मार्ग पर स्थित गोपद नदी पुल की बदहाली और ओवरलोड वाहनों के कारण पुल के अस्तित्व पर मंडरा रहे खतरे को लेकर मीडिया में खबर प्रमुखता से दिखाए जाने का बड़ा असर हुआ है। मामले को संज्ञान में लेते हुए प्रशासनिक अमला हरकत में आ गया और अधिकारियों द्वारा मौके पर पहुंचकर स्थल का निरीक्षण किया गया।
निरीक्षण के बाद कार्यालय अनुविभागीय अधिकारी, लोक निर्माण विभाग (सेतु निर्माण उप संभाग, सीधी) द्वारा खनिज अधिकारी को पत्र लिखकर तत्काल प्रभाव से आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की गई है।

*2019 में बना था पुल, ओवरलोडिंग से मंडरा रहा बड़ा खतरा*
पत्र के अनुसार, गोतरा–निवास मार्ग पर गोपद नदी पुल का निर्माण कार्य वर्ष 2019 में पूर्ण हुआ था। वर्तमान में गोतरा ग्राम के समक्ष सिंगरौली जिले की हरदी रेत खदान स्वीकृत है, जहाँ से बड़े पैमाने पर सीधी जिले की ओर रेत का परिवहन इसी पुल के रास्ते किया जा रहा है।
21 अक्टूबर 2026 को किए गए स्थल निरीक्षण में यह पाया गया कि 10 चक्का एवं 12 चक्का डंपर/हाइवा वाहनों में क्षमता से अधिक (ओवरलोड) रेत भरकर इसी पुल से निकाली जा रही है। अधिकारियों ने इसे अत्यंत आपत्तिजनक और चिंताजनक बताते हुए कहा कि इससे पुल की संरचनात्मक सुरक्षा व उम्र प्रभावित हो रही है और कभी भी कोई गंभीर दुर्घटना घट सकती है।

*पहले से क्षतिग्रस्त स्पैन बना ‘डेंजर पॉइंट’*
विभाग ने यह भी उल्लेख किया है कि वर्ष 2024 में इसी खनन कंपनी के ओवरलोड वाहनों के खड़े रहने के कारण निवास खंड की तरफ का प्रथम स्पैन बीच से क्रैक होकर टूट गया था। विशेष मरम्मत कार्य की स्वीकृति के अभाव में यह काम अब तक लंबित है, जिससे यह स्थल वर्तमान में एक अति-संवेदनशील “डेंजर पॉइंट” बना हुआ है। ऐसे क्षतिग्रस्त हिस्से पर भारी वाहनों का रुकना अथवा गुजरना पुल के अस्तित्व के लिए गंभीर खतरा है।
वैकल्पिक मार्ग अपनाने और ओवरलोडिंग पर रोक की मांग
निरीक्षण के दौरान रेत खनन एवं परिवहन में लगे प्रतिनिधियों और चालकों को मौखिक रूप से पुल से ओवरलोड वाहनों का आवागमन बंद कर वैकल्पिक मार्ग अपनाने के निर्देश दिए गए हैं। पत्र में स्पष्ट किया गया है कि ओवरलोडिंग के कारण पुल को किसी भी प्रकार की क्षति या अप्रिय घटना होने पर पूरी जिम्मेदारी
संबंधित खनन/परिवहन एजेंसी की होगी।
सेतु निर्माण विभाग ने खनिज अधिकारी से पुल की सुरक्षा एवं जन-धन की रक्षा हेतु ओवरलोड वाहनों के परिवहन पर तत्काल रोक लगाने के लिए जरूरी कदम उठाने का अनुरोध किया है। साथ ही इसकी प्रतिलिपि जिला कलेक्टर सीधी एवं कार्यपालन यंत्री (सेतु निर्माण संभाग रीवा) को भी सूचनार्थ एवं आवश्यक कार्रवाई हेतु भेजी गई है।