शिकारगंज के खेत में मगरमच्छ की मौजूदगी से दहशत, एक महीने से रेस्क्यू का इंतजार
सोन नदी से करीब 3 किलोमीटर दूर खेतों में पहुंचा मगरमच्छ, दो बकरी के बच्चों को बनाया शिकार; वन विभाग ने जल्द रेस्क्यू का दिया आश्वासन
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सीधी। जिले के रामपुर नैकिन जनपद पंचायत क्षेत्र अंतर्गत ग्राम शिकारगंज में खेतों के बीच मगरमच्छ की मौजूदगी से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। जिस रास्ते से होकर गांव के लोग रोजाना अपने खेतों तक पहुंचते थे, अब उसी रास्ते पर जाने से उन्हें अपनी जान का खतरा सता रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि मगरमच्छ खेतों की मेड़ों के आसपास छिपा रहता है और छोटे जानवरों को अपना शिकार बना रहा है। ऐसे में लोगों को अपने खेतों तक जाने में भी डर लगने लगा है।
सोन नदी से खेतों तक पहुंचा मगरमच्छ
जानकारी के मुताबिक, शिकारगंज गांव में जिस खेत में मगरमच्छ देखा जा रहा है, वह सोन नदी से करीब तीन किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। ग्रामीणों की आशंका है कि मगरमच्छ नदी के मुहाने वाले रास्ते से धीरे-धीरे गांव की ओर पहुंच गया। खेतों के आसपास उसकी मौजूदगी के कारण ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है। खासकर उन लोगों को अधिक परेशानी हो रही है, जिन्हें खेती-किसानी के काम से रोजाना खेतों तक जाना पड़ता है।
दो बकरी के बच्चों को बनाया शिकार
गांव के रहने वाले शैलेंद्र सिंह ने बताया कि मगरमच्छ अब तक दो बकरी के बच्चों को अपना शिकार बना चुका है। गांव के आसपास भेड़, बकरी, गाय और दूसरे मवेशियों का आना-जाना लगा रहता है। ऐसे में खेतों की मेड़ों के किनारे छिपकर बैठा मगरमच्छ जानवरों पर हमला कर सकता है। ग्रामीणों के मुताबिक, उसकी मौजूदगी से न केवल पशुपालक बल्कि खेतों में काम करने वाले लोग भी भयभीत हैं।
एक महीने से रेस्क्यू का इंतजार
ग्रामीणों का कहना है कि मगरमच्छ को पकड़ने के लिए वन विभाग से मदद मांगी जा रही है, लेकिन करीब एक महीने बीत जाने के बाद भी उसका रेस्क्यू नहीं हो सका है। इससे ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ रही है। लोगों की मांग है कि वन विभाग की टीम जल्द मौके पर पहुंचकर मगरमच्छ को सुरक्षित तरीके से पकड़ने की कार्रवाई करे, ताकि किसी अप्रिय घटना से बचा जा सके।
डीएफओ बोले- जल्द किया जाएगा रेस्क्यू
इस मामले में संजय टाइगर रिजर्व क्षेत्र के डीएफओ राजेश कन्ना टी ने बताया कि उन्हें मगरमच्छ की मौजूदगी की जानकारी अभी मिली है। इसके बाद क्षेत्रीय कर्मचारियों को सूचित कर दिया गया है। जल्द ही मगरमच्छ को पकड़ने का प्रयास किया जाएगा। साथ ही लोगों से अपील की जा रही है कि वे मगरमच्छ वाले क्षेत्र से दूर रहें और किसी भी तरह का जोखिम न उठाएं।
फिलहाल ग्रामीणों की नजर वन विभाग की कार्रवाई पर टिकी है। लोगों को उम्मीद है कि जल्द रेस्क्यू होने से खेतों तक जाने का रास्ता सुरक्षित हो सकेगा।



