कन्या महाविद्यालय में युद्ध जैसे हालात, आमने-सामने सैकड़ो छात्राएं

मनोज शुक्ला सम्पादक

Editor | Updated: 05 Oct 2026, 09:24 AM IST | 1 min read
Share:

कन्या महाविद्यालय में छात्राओं का हंगामा: कार्यक्रम में जबरन शामिल कराने का आरोप, NSUI-ABVP आमने-सामने

सीधी। सीधी जिले के कन्या महाविद्यालय में सोमवार दोपहर उस समय तनाव की स्थिति निर्मित हो गई, जब सैकड़ों छात्राएं देवी अहिल्याबाई सभागार के सामने प्रदर्शन करने लगीं। NSUI से जुड़ी छात्राओं ने अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के कार्यकर्ताओं पर कार्यक्रम के नाम पर 200 से अधिक छात्राओं को सभागार के अंदर रोककर रखने और कथित तौर पर जबरन कार्यक्रम में शामिल होने के लिए बाध्य करने का आरोप लगाया।

प्रदर्शन कर रही छात्राओं का कहना था कि करीब एक घंटे तक उन्होंने सभागार से बाहर निकलने का प्रयास किया, लेकिन उन्हें बाहर नहीं जाने दिया गया। छात्रा कोमल सिंह ने आरोप लगाया कि छात्राएं लगातार बाहर निकलने की कोशिश कर रही थीं, लेकिन उन्हें अंदर ही रोककर रखा गया। इस दौरान ABVP के पदाधिकारी और छात्र भी मौके पर मौजूद रहे, जिससे विवाद की स्थिति बन गई।

मामला बढ़ने पर NSUI और ABVP से जुड़े छात्र-छात्राएं आमने-सामने आ गए। मौके पर बड़ी संख्या में छात्राओं के एकत्र होने से कॉलेज परिसर में तनावपूर्ण माहौल बन गया। प्रदर्शन में करीब 500 छात्राओं के शामिल होने की बात सामने आई।

वहीं ABVP से जुड़े छात्रों का कहना है कि कॉलेज में उनका कार्यक्रम निर्धारित था और NSUI कार्यकर्ताओं ने कार्यक्रम को रोकने का प्रयास किया। दूसरी ओर NSUI के प्रदेश सचिव विक्रांत सिंह परिहार ने कहा कि संगठन का ज्ञापन कार्यक्रम पहले से निर्धारित था। इसके लिए एक दिन पहले कॉलेज प्रशासन और कोतवाली थाना प्रभारी को लिखित सूचना भी दी गई थी। उनका आरोप है कि इसके बावजूद ABVP कार्यकर्ताओं द्वारा जानबूझकर ऐसी स्थिति उत्पन्न की गई।

छात्राओं के प्रदर्शन के दौरान पुलिस बल भी मौके पर पहुंच गया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए थाना प्रभारी कोतवाली दिव्य प्रकाश त्रिपाठी, थाना प्रभारी जमोड़ी केदार परउहा, थाना प्रभारी चुरहट रीता त्रिपाठी और थाना प्रभारी कुसमी अरुणा द्विवेदी सहित पुलिस बल मौजूद रहा।

करीब दो घंटे से अधिक समय तक छात्राओं का प्रदर्शन जारी रहने से कॉलेज परिसर में गहमागहमी बनी रही। फिलहाल दोनों पक्षों के आरोपों के बीच पुलिस और कॉलेज प्रशासन द्वारा स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया जा रहा है।