क्षतिग्रस्त पुल पर खदान की रेत का परिवहन,हादसे का इंतजार!

राजू गुप्ता (स्टेट हेड)

Reporter | Updated: 14 Oct 2026, 04:24 PM IST | 0 min read
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क्षतिग्रस्त पुल पर खदान की रेत का परिवहन,हादसे का इंतजार!

सिंगरौली की हरदी रेत खदान से जुड़े सहकार ग्लोबल के भारी वाहनों पर ओवरलोडिंग के आरोप, गोतरा में गोपद नदी के पुल पर खतरा

सीधी। ग्राम गोतरा में गोपद नदी पर बने क्षतिग्रस्त पुल से सिंगरौली जिले की हरदी रेत खदान से रेत लेकर भारी वाहनों की आवाजाही लोगों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है। यह रेत खदान सहकार ग्लोबल कंपनी द्वारा संचालित बताई जा रही है। पुल का किनारा बुरी तरह टूट चुका है, इसके बावजूद रेत परिवहन में लगे भारी वाहनों का संचालन जारी रहने की जानकारी सामने आई है। इन वाहनों पर ओवरलोडिंग के आरोप भी हैं। ऐसे में सवाल है कि हरदी खदान से रेत परिवहन के कारोबार में लोगों की जान को जोखिम में क्यों डाला जा रहा है?

पुल का किनारा टूटा, फिर भी जारी रेत परिवहन

गोतरा में गोपद नदी पर बने पुल का किनारा क्षतिग्रस्त होने से यहां से गुजरना जोखिम भरा हो गया है। इसके बावजूद हरदी रेत खदान से जुड़े भारी वाहनों की आवाजाही जारी रहने से खतरा बढ़ रहा है। यदि कमजोर हिस्सा और टूटता है, तो बड़ा हादसा हो सकता है। ऐसे में रेत खदान संचालक की जिम्मेदारी और परिवहन पर निगरानी रखने वाले विभागों की भूमिका पर सवाल उठना लाजिमी है।

हरदी खदान के वाहनों पर ओवरलोडिंग के आरोप

सहकार ग्लोबल द्वारा संचालित सिंगरौली जिले की हरदी रेत खदान से जुड़े वाहनों पर ओवरलोडिंग के आरोपों की जांच जरूरी है। सवाल यह है कि क्या इन वाहनों के वजन की नियमित जांच हो रही है? क्या गोतरा पुल की भार वहन क्षमता का तकनीकी आकलन कराया गया है? पुल की मौजूदा स्थिति के बावजूद भारी वाहनों को वहां से गुजरने की अनुमति किस आधार पर दी जा रही है? खनिज, परिवहन और संबंधित निर्माण विभागों को इन सवालों का जवाब देना चाहिए।

हादसे से पहले कार्रवाई होगी या बाद में?

क्षतिग्रस्त पुल से भारी वाहनों की आवाजाही केवल यातायात का मामला नहीं, बल्कि सार्वजनिक सुरक्षा से जुड़ा गंभीर विषय है। जिला प्रशासन को तत्काल पुल का तकनीकी निरीक्षण कराना चाहिए और सुरक्षा सुनिश्चित होने तक भारी वाहनों की आवाजाही रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाने चाहिए। साथ ही हरदी रेत खदान से जुड़े वाहनों पर लगे ओवरलोडिंग के आरोपों की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए।

सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या प्रशासन हरदी खदान से हो रहे रेत परिवहन और गोतरा पुल की सुरक्षा को लेकर समय रहते कार्रवाई करेगा, या फिर किसी बड़ी दुर्घटना के बाद ही जिम्मेदारों की जवाबदेही तय की जाएगी?