कुसमी डाकघर की मनमानी! सुबह 10:50 बजे लटका मिला ताला, ग्रामीण परेशान
निर्धारित समय पर नहीं मिलते कर्मचारी, संपर्क नंबर और डाकपत्र जमा करने की व्यवस्था भी सवालों के घेरे में
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कुसमी। सीधी जिले के कुसमी स्थित डाकघर की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि डाकघर निर्धारित समय पर नियमित रूप से नहीं खुलता, जिससे जरूरी काम कराने पहुंचने वाले लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
लगातार मिल रही शिकायतों के बीच शुक्रवार को सुबह 10:50 बजे मीडिया टीम ने डाकघर का निरीक्षण किया। इस दौरान कार्यालय के मुख्य द्वार पर ताला लटका मिला और कर्मचारी भी मौजूद नहीं थे। डाकघर बंद मिलने से वहां पहुंचे हितग्राही परेशान नजर आए। कार्यालय के बाहर समय-सारणी प्रदर्शित होने के बावजूद निर्धारित समय पर सेवाएं उपलब्ध नहीं होने की शिकायत सामने आई है।
संपर्क नंबर तक नहीं, ग्रामीण लगाते हैं चक्कर
ग्रामीणों के मुताबिक, डाकघर परिसर में संपर्क के लिए कोई स्पष्ट फोन नंबर प्रदर्शित नहीं किया गया है। ऐसे में लोगों को यह जानकारी नहीं मिल पाती कि कार्यालय कब खुलेगा और संबंधित कर्मचारी कब उपलब्ध होंगे। डाकपत्र जमा करने की व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। इसके चलते लोगों को छोटे-छोटे कामों के लिए बार-बार डाकघर के चक्कर लगाने पड़ते हैं।
सरकारी योजनाओं का लाभ लेने में भी परेशानी
डाकघर ग्रामीण क्षेत्रों में बचत, बैंकिंग और बीमा जैसी महत्वपूर्ण सुविधाएं उपलब्ध कराने का प्रमुख केंद्र है। यहां बचत खाता, आवर्ती जमा (आरडी), सावधि जमा (टीडी), सुकन्या समृद्धि योजना और किसान विकास पत्र जैसी योजनाओं से संबंधित सेवाएं मिलती हैं। इसके अलावा इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक के माध्यम से भी विभिन्न बैंकिंग सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती हैं।
ऐसे में यदि डाकघर नियमित रूप से नहीं खुलता है, तो इन सेवाओं का लाभ लेने पहुंचने वाले हितग्राहियों को परेशानी होना स्वाभाविक है। स्थानीय स्तर पर जरूरी दस्तावेजों और कार्ड समय पर नहीं मिलने की शिकायतें भी सामने आ रही हैं।
जिम्मेदार अधिकारी कब लेंगे सुध?
कुसमी डाकघर की व्यवस्थाओं को लेकर अब वरिष्ठ डाक विभाग के अधिकारियों से जांच कराने की मांग उठ रही है। ग्रामीणों का कहना है कि कर्मचारियों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित की जाए, कार्यालय निर्धारित समय पर खोला जाए तथा संपर्क नंबर और डाकपत्र जमा करने की उचित व्यवस्था उपलब्ध कराई जाए।
अब सवाल यह है कि जब डाकघर के संचालन का समय निर्धारित है, तो शुक्रवार सुबह 10:50 बजे तक कार्यालय पर ताला क्यों लटका मिला? क्या वरिष्ठ अधिकारी मामले की जांच कर जिम्मेदार कर्मचारियों से जवाब मांगेंगे और ग्रामीणों को नियमित डाक सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक कदम उठाएंगे?



