पूर्व विधायक केदारनाथ शुक्ला की अगुवाई में कलेक्ट्रेट पहुंचे लोग, रोजगार और यात्रियों की सुविधा

मनोज शुक्ला सम्पादक

Editor | Updated: 23 Oct 2026, 03:54 PM IST | 1 min read
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सीधी में पुराने बस स्टैंड को लेकर विवाद, सैकड़ों लोगों ने निकाला पैदल मार्च

पूर्व विधायक केदारनाथ शुक्ला की अगुवाई में कलेक्ट्रेट पहुंचे लोग, रोजगार और यात्रियों की सुविधा का उठाया मुद्दा

सीधी। शहर के पुराने बस स्टैंड को बंद किए जाने के बाद प्रशासन और स्थानीय लोगों के बीच विवाद बढ़ता जा रहा है। शुक्रवार दोपहर करीब 2 बजे पूर्व विधायक पंडित केदारनाथ शुक्ला की अगुवाई में सैकड़ों लोगों ने पैदल मार्च निकालकर कलेक्ट्रेट पहुंचकर कलेक्टर विकास मिश्रा को आवेदन सौंपा। लोगों ने पुराने बस स्टैंड की व्यवस्था तत्काल बहाल करने की मांग की।

प्रशासन ने शहर के बीचों-बीच स्थित पुराने बस स्टैंड को यातायात व्यवस्था सुधारने के उद्देश्य से बंद किया है। प्रशासन का कहना है कि यहां बसों के संचालन से आए दिन जाम की स्थिति बनती थी, जिससे लोगों को परेशानी होती थी। वहीं, स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों का कहना है कि बस स्टैंड बंद करने से पहले वैकल्पिक व्यवस्था की जानी चाहिए थी।

रोजगार और यात्रियों की सुविधा का मुद्दा

विरोध कर रहे लोगों के अनुसार, पुराने बस स्टैंड से करीब 200 लोगों का रोजगार जुड़ा हुआ है। बस स्टैंड बंद होने से दुकानदारों और छोटे कारोबारियों की आजीविका प्रभावित होने की आशंका है। लोगों का कहना है कि पहले प्रभावित लोगों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की जाए, उसके बाद ही कोई कदम उठाया जाए।

प्रदर्शनकारियों ने यह भी कहा कि बड़वास और सिंगरौली की ओर जाने वाली बसों के यात्रियों के लिए पुराना बस स्टैंड सुविधाजनक स्थान है। शहर के बीच में होने के कारण यहां से बड़ी संख्या में यात्री बसों में सवार होते हैं। ऐसे में बस स्टैंड बंद होने से यात्रियों को परेशानी हो सकती है।

बैठक के बाद होगा निर्णय

पूर्व विधायक पंडित केदारनाथ शुक्ला ने बताया कि कलेक्टर से मुलाकात के दौरान उन्होंने कहा कि शहर आपका है और आप अपने हिसाब से शहर की व्यवस्था को सुदृढ़ कराएं।

वहीं, कलेक्टर विकास मिश्रा ने कहा कि पुराने बस स्टैंड को बंद करने की पहल शहर में यातायात व्यवस्था सुधारने और जाम की समस्या दूर करने के लिए की गई थी। शहर में अंतरराज्यीय बस स्टैंड बनने के बाद बसों का संचालन वहीं से करने की योजना है।

कलेक्टर ने बताया कि विरोध कर रहे लोगों की बातों को ध्यान में रखते हुए नगर पालिका, यातायात और राजस्व विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक की जाएगी। इसके बाद सभी पहलुओं पर विचार कर उचित निर्णय लिया जाएगा।