सूचना अधिकार के तहत भ्रामक जानकारी देने पर कलेक्टर से की शिकायत..

राजू गुप्ता (स्टेट हेड)

Reporter | Updated: 05 Oct 2026, 04:46 AM IST | 0 min read
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सूचना अधिकार के तहत भ्रामक जानकारी देने पर कलेक्टर से की शिकायत..

9650 रुपए जमा करने के बाद भी सचिव ने दी भ्रामक जानकारी..

मामला जनपद पंचायत मझौली के ग्राम पंचायत की गिजवार का..

संजय सिंह मझौली सीधी
जनपद पंचायत मझौली अंतर्गत ग्राम पंचायत गिजवार निवासी राजेश पांडेय को सूचना के अधिकार के तहत जानकारी मांगना महंगा पड़ गया।
शिकायत कर्ता के द्वारा दिनांक 3 अगस्त 2026 को ग्राम पंचायत के लोक सूचना अधिकारी के पास सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 के तहत कुछ जानकारी मांगी गई थी जिसके बाद लोक सूचना अधिकारी के द्वारा आवेदक को जानकारी का शुल्क 9650 रु ग्राम पंचायत के बैंक खाता नंबर 494902010104288 में राशि जमा कर पावती प्रस्तुत करने का पत्र जारी किया।
पत्र के अनुसार आवेदक द्वारा राशि जमा कर पावती प्रस्तुत की गई तब आधी अधूरी एवं भ्रामक जानकारी दी गई जिससे व्यथित होकर आवेदक ने 16 सितंबर 2026 को कलेक्टर सीधी को शिकायती आवेदन दिया जिसमे कलेक्टर द्वारा सी ई ओ जनपद पंचायत मझौली को जांच के लिए आदेशित किया गया था।
सीईओ द्वारा अनुविभागीय अधिकारी ग्रामीण यांत्रिकी सेवा मझौली सरिता सिंह को जांच के लिए अधिकृत किया गया जिनके द्वारा 29सितंबर 2026 को जांच के लिए ग्राम पंचायत कार्यालय में पहुंच कर कथन पंचनामा तैयार किया गया जिसमे आवेदक राजेश पांडेय,सचिव,सरपंच व उनके पति एवं ग्रामीण मौजूद रहे।
आवेदक के मुताबिक शिकायत में मुख्य आरोप सचिव के खिलाफ था जिसके द्वारा 9650 रुपए राशि जमा कराने के बावजूद आधी अधूरी एवं भ्रामक जानकारी दी गई है जिसके खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई थी लेकिन जांच अधिकारी के द्वारा शिकायत के मुख्य बिंदु की जांच नहीं की गई बल्कि अन्य निर्माण कार्यों के संबंध में सचिव से जानकारी लेकर कहा गया कि दूसरे सेक्टर के उपयंत्री से जांच कराई जाएगी इतना नहीं नहीं जांच अधिकारी के समक्ष ही सरपंच लक्ष्मी पांडेय एवं उनके पति राजधर पांडेय के द्वारा आवेदक को धमकी दी गई एवं गाली गलौज किया गया जिसे जांच अधिकारी द्वारा न तो स्थल पंचनामा में इस बात का उल्लेख किया गया और ना ही अलग से कार्यवाही प्रस्तावित की गई जिससे आवेदक डरा सहमा है और अप्रिय वारदात से आशंकित है।
*ऐसे दी गई है भ्रामक जानकारी*
शिकायतकर्ता की माने तो सचिव द्वारा दी गई जानकारी में प्रधानमंत्री आवास योजना स्वीकृति वास्ते शपथ पत्र सुभाष कुशवाहा का,समग्र पोर्टल परिवार आईडी को सत्यापित कर दिया गया है जिसकी जानकारी आवेदक द्वारा मांगी ही नहीं गई थी। इसी तरह सूचना के अधिकार अधिनियम में प्रति पेज 2 रु के दर से शुल्क जमा किया जाना चाहिए लेकिन सचिव द्वारा 9650 रु जमा कराने के बाद सिर्फ 1930 पेज की जानकारी दी गई है जो गंभीर बात है एवं जांच योग्य है।

इनका कहना
अगर मुझे वांछित जानकारी दी गई होती तो मैं क्यों शिकायत करता,जांच अधिकारी के सामने सरपंच एवं उनके पति के द्वारा मेरे साथ गाली गलौज किया गया और धमकी दी गई है जिससे मेरे जीवन को भी खतरा है लेकिन सच्चाई के लिए संघर्ष कर रहा हूं।
*राजेश पांडेय शिकायत कर्ता*
आवेदक द्वारा जिन बिंदुओं की जानकारी मांगी गई है उसी के रिकॉर्ड दिये गए हैं और जांच अधिकारी द्वारा भी मिलान किया गया है भ्रामक जानकारी नहीं दी गई है।

श्यामलाल केवट सचिव
अगर इतनी राशि जमा करने के बाद भी आवेदक को भ्रामक जानकारी दी गई है तो यह गलत बात है।अगर जांच अधिकारी के सामने आवेदक के साथ अभद्रता,गाली गलौज अथवा धमकी दी जाती है तो जांच अधिकारी को प्रतिवेदन देना चाहिए।मैं स्वतः मामले का संज्ञान लूंगी।
सुरभि श्रीवास्तव सी ई ओ जनपद पंचायत मझौली