सिंगरौली जिले की एनसीएल जयंत परियोजना के विस्तार को लेकर प्रभावित क्षेत्रों में विरोध तेज होता जा रहा है। स्थानीय ग्रामीणों और आदिवासी परिवारों ने ओबी कार्य कर रही चड्डा कंपनी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि कंपनी से जुड़े कुछ लोग जबरन दबाव बनाकर मकान खाली कराने का प्रयास कर रहे हैं, जिससे क्षेत्र में तनाव का माहौल बन गया है।
एनसीएल की जयंत परियोजना के विस्तार के चलते बड़ी संख्या में परिवार विस्थापन की जद में आने वाले हैं। प्रभावित ग्रामीणों का दावा है कि यह क्षेत्र देश के सबसे बड़े विस्थापन वाले क्षेत्रों में शामिल हो सकता है, जहां हजारों लोगों के सामने अपने घर और जमीन बचाने की चुनौती खड़ी है।
स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि ओबी कार्य कर रही चड्डा कंपनी से जुड़े कुछ लोग गांवों में पहुंचकर विवाद की स्थिति पैदा कर रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि ये लोग कंपनी के लिए काम करते हैं और प्रभावित परिवारों पर दबाव बनाने का प्रयास करते हैं।
ग्रामीणों के अनुसार, आज सोमवार को कथित तौर पर बुल्डोजर की मदद से कुछ मकानों को हटाने की कार्रवाई की गई, जिसका स्थानीय लोगों ने विरोध किया। विरोध के दौरान ग्रामीणों और कंपनी से जुड़े बताए जा रहे लोगों के बीच तीखी बहस और तनाव की स्थिति भी निर्मित हुई।
प्रभावित परिवारों ने आरोप लगाया है कि आदिवासी समुदाय की जमीनों पर उनकी सहमति और पूर्ण पुनर्वास प्रक्रिया के बिना कब्जा करने का प्रयास किया जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि जब तक उचित मुआवजा, पुनर्वास और वैधानिक प्रक्रियाएं पूरी नहीं हो जातीं, तब तक किसी भी प्रकार की कार्रवाई नहीं की जानी चाहिए।







