सिंगरौली जिले के पंजरेह-मोरवा क्षेत्र स्थित शराब दुकानों की कार्यप्रणाली को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो रहे हैं। स्थानीय नागरिकों और उपभोक्ताओं का आरोप है कि कई दुकानों पर निर्धारित समय के बाद भी शराब की बिक्री जारी रहती है। साथ ही, अधिक कीमत वसूलने, रेट सूची प्रदर्शित नहीं करने और ग्राहकों को बिल न देने जैसी शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं। लोगों का कहना है कि बार-बार शिकायतों के बावजूद आबकारी विभाग की ओर से प्रभावी कार्रवाई नहीं होने से स्थिति जस की तस बनी हुई है।
देर रात तक बिक्री के आरोप
स्थानीय लोगों का कहना है कि नवानगर स्थित कुछ शराब दुकानें निर्धारित समय के बाद भी देर रात तक संचालित होती हैं। आरोप है कि इस दौरान ग्राहकों से शराब की बोतलों और बीयर पर निर्धारित मूल्य (एमआरपी) से 50 से 80 रुपये तक अधिक वसूले जाते हैं। यदि कोई ग्राहक इसका विरोध करता है तो कई बार विवाद की स्थिति भी बन जाती है।
रेट सूची और बिल व्यवस्था पर सवाल
आबकारी नियमों के अनुसार प्रत्येक लाइसेंसी शराब दुकान पर शराब की दर सूची (रेट लिस्ट) स्पष्ट रूप से प्रदर्शित करना तथा ग्राहकों को खरीदारी का बिल उपलब्ध कराना अनिवार्य है। लेकिन स्थानीय लोगों का आरोप है कि जिले की अधिकांश दुकानों पर इन नियमों का पालन नहीं किया जा रहा है। इससे उपभोक्ताओं के लिए वास्तविक कीमत की जानकारी प्राप्त करना कठिन हो जाता है और अधिक वसूली की आशंका बनी रहती है।
ग्राहकों का कहना है कि यदि शराब निर्धारित मूल्य पर बेची जा रही है तो रेट सूची प्रदर्शित करने और बिल देने में कोई परेशानी नहीं होनी चाहिए। उनका मानना है कि बिल व्यवस्था पूरी तरह लागू होने से ओवररेटिंग जैसी शिकायतों पर स्वतः अंकुश लग सकता है और उपभोक्ताओं के अधिकार भी सुरक्षित रहेंगे।
उत्तर प्रदेश की व्यवस्था का दिया उदाहरण
सीमावर्ती क्षेत्र के ग्रामीणों का कहना है कि उत्तर प्रदेश के शक्तिनगर क्षेत्र की शराब दुकानों में दर सूची स्पष्ट रूप से प्रदर्शित रहती है तथा दुकानें निर्धारित समय पर खुलती और बंद होती हैं। ग्राहकों को निर्धारित मूल्य पर शराब उपलब्ध कराई जाती है। इसके विपरीत सिंगरौली जिले की कुछ दुकानों को लेकर लगातार अनियमितताओं की शिकायतें सामने आ रही हैं।
बढ़ रहे विवाद
स्थानीय लोगों के अनुसार अधिक कीमत वसूले जाने को लेकर कई बार ग्राहकों और शराब दुकान के कर्मचारियों के बीच विवाद की स्थिति भी बनी है। कुछ मामलों में मारपीट की घटनाएं भी सामने आई हैं। लोगों का कहना है कि समय रहते व्यवस्था में सुधार नहीं किया गया तो भविष्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति भी प्रभावित हो सकती है।







