बैगा विकास प्राधिकरण में सिंगरौली-सीधी को शामिल करने की मांग
भोपाल में बैगा समाज संघ ने मुख्यमंत्री, राज्यपाल समेत शासन-प्रशासन और पक्ष-विपक्ष के नेताओं को सौंपा ज्ञापन, 20 दिन में कार्रवाई नहीं तो सिंगरौली में धरने की चेतावनी
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सिंगरौली/भोपाल। बैगा समाज के सामाजिक, आर्थिक और शैक्षणिक विकास को लेकर बैगा विकास प्राधिकरण में सिंगरौली एवं सीधी जिलों को शामिल करने की मांग तेज हो गई है। इसी मांग को लेकर बैगा समाज संघ मध्य प्रदेश के 12 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने 7 अक्टूबर को भोपाल पहुंचकर मुख्यमंत्री, राज्यपाल, वरिष्ठ अधिकारियों के साथ ही सत्ता पक्ष और विपक्ष के जनप्रतिनिधियों से मुलाकात कर मांग-पत्र सौंपा।
प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री, राज्यपाल, अपर मुख्य सचिव सामान्य प्रशासन विभाग, प्रमुख सचिव एवं आयुक्त जनजातीय कार्य विभाग सहित अन्य संबंधित अधिकारियों के समक्ष बैगा समाज की समस्याएं और सिंगरौली-सीधी को बैगा विकास प्राधिकरण के दायरे में शामिल करने की मांग रखी।
इसके अलावा विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार, पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी तथा राघोगढ़ विधायक जयवर्धन सिंह से भी मुलाकात कर मांग-पत्र सौंपा गया।
वर्षों पुरानी मांग, अब ठोस आदेश की मांग
बैगा समाज संघ का कहना है कि सिंगरौली और सीधी जिले में बड़ी संख्या में बैगा परिवार निवास करते हैं। क्षेत्र के बैगा समुदाय को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए उनकी सामाजिक एवं भौगोलिक परिस्थितियों के अनुरूप विशेष विकास व्यवस्था जरूरी है।
संघ के पदाधिकारियों के अनुसार इस मांग को लेकर पूर्व में भी शासन-प्रशासन को कई बार आवेदन और ज्ञापन दिए जा चुके हैं। वर्ष 2011 में सीधी, 2018 में मझौली और 2023 में सरई क्षेत्र से संबंधित घोषणाओं का हवाला देते हुए संघ ने कहा कि घोषणाओं के बावजूद सिंगरौली-सीधी क्षेत्र के बैगा समाज को अपेक्षित रूप से प्राधिकरण के दायरे में शामिल नहीं किया गया है।
संघ ने मांग की है कि केवल घोषणा तक मामला सीमित न रहे, बल्कि इसके लिए स्पष्ट आदेश, बजट, कार्यालयीन व्यवस्था और योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
सड़क, बिजली, आवास और रोजगार के मुद्दे भी उठाए
भोपाल पहुंचे प्रतिनिधिमंडल ने बैगा समाज से जुड़े बुनियादी मुद्दों को भी प्रमुखता से उठाया। इनमें सड़क, बिजली, आवास, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के साथ प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महाअभियान (PM-JANMAN) के तहत मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग शामिल रही।
संघ ने स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार एवं कौशल विकास के अवसर बढ़ाने और पात्र बैगा परिवारों को शासन की योजनाओं का प्रत्यक्ष लाभ दिलाने की भी मांग की।
पक्ष-विपक्ष दोनों से सहयोग की अपील
बैगा समाज संघ ने अपने भोपाल दौरे के दौरान सत्ता पक्ष के साथ विपक्ष के नेताओं को भी मांग-पत्र सौंपा। संघ का कहना है कि यह किसी राजनीतिक दल से जुड़ा मुद्दा नहीं, बल्कि बैगा समाज के सामाजिक एवं आर्थिक विकास से संबंधित विषय है।
संघ ने सभी जनप्रतिनिधियों से दलगत राजनीति से ऊपर उठकर सिंगरौली-सीधी के बैगा समाज की मांग को शासन के समक्ष प्रभावी ढंग से रखने की अपील की।
20 दिन का अल्टीमेटम, 27 अक्टूबर से धरने की तैयारी
बैगा समाज संघ ने शासन-प्रशासन से 20 दिन के भीतर ठोस कार्रवाई की मांग की है। संघ के अनुसार यदि निर्धारित अवधि में सिंगरौली एवं सीधी को बैगा विकास प्राधिकरण में शामिल करने की दिशा में निर्णय नहीं लिया गया, तो आंदोलन की अगली रणनीति तय की जाएगी।
संघ ने कहा है कि 27 अक्टूबर 2026 तक ठोस कार्रवाई नहीं होने की स्थिति में सिंगरौली कलेक्ट्रेट कार्यालय के मुख्य द्वार के सामने शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन शुरू करने की तैयारी की जा रही है।
संघ पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया कि प्रस्तावित आंदोलन लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से किया जाएगा।
सरकार से शीघ्र निर्णय की उम्मीद
भोपाल दौरे के बाद बैगा समाज संघ ने कहा कि मुख्यमंत्री, राज्यपाल, वरिष्ठ अधिकारियों और विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं के समक्ष मांग रखी जा चुकी है। अब शासन स्तर पर इस मांग का परीक्षण कर सिंगरौली एवं सीधी के बैगा समाज के हित में ठोस निर्णय लेने की उम्मीद है।



