NH-43 की बदहाली दूर करने और SGTPS में नई बिजली इकाई स्थापित करने की मांग

तपस गुप्ता

Reporter | Updated: 15 Oct 2026, 02:09 PM IST | 1 min read
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उमरिया तपस गुप्ता

जिले की बुनियादी सुविधाओं और औद्योगिक विकास को लेकर भारतीय जनता पार्टी के पूर्व जिलाध्यक्ष दिलीप पाण्डेय ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को दो अलग-अलग मांग पत्र भेजकर महत्वपूर्ण मुद्दों पर ध्यान आकर्षित कराया है। पहले मांग पत्र में शहडोल-उमरिया राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक 43 के अधूरे निर्माण, जर्जर सड़क और घटिया निर्माण की जांच कराने की मांग की गई है। वहीं, दूसरे मांग पत्र में बिरसिंहपुर स्थित संजय गांधी ताप विद्युत गृह (SGTPS) में उपलब्ध संसाधनों का सदुपयोग करते हुए एक अतिरिक्त विद्युत उत्पादन इकाई स्थापित करने की संभावनाओं का सर्वेक्षण कराने का आग्रह किया गया है।

दस साल से अधूरा NH-43, जनता परेशान

दिलीप पाण्डेय ने मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में उल्लेख किया है कि शहडोल-उमरिया NH-43 मार्ग का निर्माण लगभग दस वर्षों से जारी है, लेकिन इसके बावजूद निर्माण कार्य अब तक पूरी तरह पूर्ण नहीं हो पाया है। सड़क की जर्जर स्थिति और जगह-जगह बने गड्ढों के कारण आम नागरिकों, व्यापारियों और यात्रियों को आवागमन में परेशानी उठानी पड़ रही है। खराब सड़क के चलते दुर्घटनाओं की आशंका भी बनी रहती है।

पत्र में विशेष रूप से घुनघुटी मोर्चा फाटक, पठारी फाटक और अमहा फाटक पर लगभग आठ वर्षों से निर्माण कार्य लंबित होने का उल्लेख किया गया है। इसके अलावा, पहले से निर्मित सड़क के समय से पहले क्षतिग्रस्त होने पर भी चिंता जताई गई है।

पाण्डेय ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि लंबित निर्माण कार्य को शीघ्र पूरा कराने के लिए निश्चित समय-सीमा तय की जाए। साथ ही, सड़क निर्माण की तकनीकी जांच कराकर गुणवत्ता का आकलन किया जाए। यदि निर्माण में देरी अथवा अनियमितताएं सामने आती हैं, तो संबंधित अधिकारियों और ठेकेदार के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाए। उन्होंने आम जनता को राहत देने के लिए क्षतिग्रस्त सड़क की तत्काल मरम्मत कराने का भी आग्रह किया है।

SGTPS में अतिरिक्त बिजली इकाई स्थापित करने का प्रस्ताव

दूसरे मांग पत्र में दिलीप पाण्डेय ने मध्यप्रदेश की बढ़ती विद्युत आवश्यकताओं को देखते हुए संजय गांधी ताप विद्युत गृह, बिरसिंहपुर में एक अतिरिक्त विद्युत उत्पादन इकाई स्थापित करने की संभावनाओं पर विचार करने की मांग की है।

उन्होंने कहा कि SGTPS प्रदेश का महत्वपूर्ण विद्युत उत्पादन केंद्र है। यहां पहले से उपलब्ध आधारभूत संरचना, तकनीकी सुविधाओं और बिजली उत्पादन से जुड़ी व्यवस्थाओं का समुचित उपयोग करते हुए नई इकाई स्थापित करने की संभावनाओं का आकलन किया जा सकता है।

उन्होंने मुख्यमंत्री से आग्रह किया है कि उपलब्ध संसाधनों की तकनीकी और आर्थिक व्यवहार्यता का सर्वेक्षण कराया जाए। यदि जांच में नई इकाई की स्थापना उपयुक्त पाई जाती है, तो इससे प्रदेश की विद्युत उत्पादन क्षमता बढ़ाने के साथ भविष्य की बिजली मांग पूरी करने में मदद मिल सकती है।

रोजगार और औद्योगिक विकास को मिलेगा प्रोत्साहन

पाण्डेय के अनुसार, नई उत्पादन इकाई की स्थापना से उमरिया और आसपास के क्षेत्रों में औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने के साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी विकसित हो सकते हैं। इससे क्षेत्र की आर्थिक प्रगति को प्रोत्साहन मिलने की संभावना है।

दोनों मांग पत्रों के माध्यम से दिलीप पाण्डेय ने एक ओर सड़क निर्माण को गति देने और गुणवत्तापूर्ण आवागमन व्यवस्था सुनिश्चित करने की जरूरत बताई है, तो दूसरी ओर जिले में बिजली उत्पादन क्षमता के विस्तार की संभावनाओं को सामने रखा है। अब इन मांगों पर शासन स्तर से होने वाली कार्रवाई पर क्षेत्रवासियों की निगाहें रहेंगी।