सिंगरौली में इन दिनों लगता है कि अपनी मांग मनवाने का नया पता प्रशासनिक कार्यालय नहीं, बल्कि मोबाइल टावर बन गया है। ताजा मामला सरई क्षेत्र का है, जहां नौकरी की मांग को लेकर एक युवक टावर पर चढ़ गया और आत्महत्या की बात करने लगा।
बताया जा रहा है कि युवक पहले पीसी वाहन चालक के रूप में कार्यरत था, लेकिन शराब पीकर वाहन चलाने के आरोप में कंपनी ने उसे नौकरी से हटा दिया था। अब वही युवक दोबारा नौकरी की मांग को लेकर सीधे टावर की ऊंचाई पर पहुंच गया।
मौके पर कंपनी प्रबंधन, प्रशासन, थाना प्रभारी सरई की टीम और तहसीलदार खनुआ मौजूद हैं। सभी युवक को समझाइश देकर सुरक्षित नीचे उतारने का प्रयास कर रहे हैं।
सबसे बड़ी बात यह है कि सिंगरौली में समस्याओं के समाधान के लिए आवेदन, ज्ञापन और वार्ता से ज्यादा चर्चा अब टावर पर चढ़ने वालों की हो रही है। ऐसा लगता है मानो कुछ लोगों ने यह मान लिया हो कि जितनी ऊंचाई पर चढ़ेंगे, उनकी मांग उतनी जल्दी सुनी जाएगी।
हालांकि यह मजाक का विषय नहीं है। किसी भी समस्या का समाधान संवाद और कानून के दायरे में रहकर ही संभव है, क्योंकि एक गलत कदम किसी परिवार की जिंदगी हमेशा के लिए बदल सकता है।







