डॉक्टर नदारत फार्मासिस्ट लिख रहे दवा पर्ची..

राजू गुप्ता (स्टेट हेड)

Reporter | Updated: 28 Sep 2026, 12:35 PM IST | 1 min read
Share:

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मझौली में मरीजों से खिलवाड़..

डॉक्टर नदारत फार्मासिस्ट लिख रहे दवा पर्ची..

क्षेत्रीय विधायक के प्रयासों पर जिम्मेदार फेर रहे पानी..

संजय सिंह मझौली सीधी
सीधी जिले के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मझौली में मरीजों के साथ खिलवाड़ हो रहा है जहां ओपीडी में डॉक्टर के बजाय फार्मासिस्ट मरीजों की दवा पर्ची लिख रहे हैं जिस कारण क्षेत्र में चर्चा है कि क्षेत्रीय विधायक के प्रयासों पर अस्पताल के जिम्मेदार पानी फेर रहे हैं क्योंकि विधायक के प्रयास से ही यहां चार डॉक्टर पदस्थ हुए हैं फिर भी आलम यह है कि आज लगभग 11 बजे ओपीडी के समय चारो के चारो डॉक्टर नदारत रहे जिस कारण मरीजों को समुचित उपचार एवं सुझाव नहीं मिलता है। ऐसे में सोचा जा सकता है कि जब खंड मुख्यालय के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में यह आलम है तो अन्य प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों एवं उप स्वास्थ्य केंद्रों में क्या स्थिति होगी।
*मौसमी बीमारी के चलते काफी संख्या में आते हैं मरीज*
बताया गया कि इस समय बरसात का मौसम है जिस कारण मौसमी बीमारी के चपेट में ज्यादा लोग आ जाते हैं यही कारण है कि ओपीडी में मरीजों की संख्या भी काफी रहती है।लेकिन डॉक्टरों के समय पर ना रहने के कारण मरीजों के साथ परिजनों को भी काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है l
*मरीजों के परिजनों ने बताया हकीकत*
सोमवार 28 सितंबर को सुबह 11:00 बजे के लगभग जब मीडिया टीम अस्पताल पहुंची तो कई मरीजों के परिजन अस्पताल प्रबंधन के व्यवस्था से निराश होकर हकीकत बताई कि यहां डॉक्टर नहीं बैठे हैं फार्मासिस्ट हमारे मरीज एवं अन्य मरीजों की दवा पर्ची लिखे हैं इसमें आराम मिलेगा कि नहीं अगर डॉक्टर बैठते और वह चेकअप करके दवा पर्ची लिखते तो मरीज के ठीक होने का भरोसा रहता लेकिन ऐसा नहीं हो रहा है।
एक अन्य मरीज के परिजन ने बताया कि जब चार डॉक्टर यहां पदस्थ है तो ओपीडी के समय में एक डॉक्टर को अनिवार्य रूप से बैठना चाहिए क्योंकि मौसमी बीमारी के चलते मरीजों की संख्या भी काफी ज्यादा रहती है।
*इनका कहना*
मैं अपने मरीज को लेकर आई हूं और ओपीडी में मरीज के बीमारी के बारे में बताया तो एक डॉक्टर दवा पर्ची लिखे हैं लेकिन बाहर निकली तो बताया गया कि दवा पर्ची लिखने वाले डॉक्टर नहीं है वह फार्मासिस्ट हैं।
*रामरती पनिका मरीज के परिजन*
मैं इस भरोसे से मझौली अस्पताल में आया कि यहां एमबीबीएस डॉक्टर मरीज का चेकअप करेंगे और उपचार लिखेंगे लेकिन यहां ओपीडी में डॉक्टर के बजाय फार्मासिस्ट के द्वारा दवा पर्ची लिखी गई है जिससे संतुष्टि नहीं है फिर भी उपचार कराया हूं।
*विजय बहादुर सिंह मरीज के परिजन*
मझौली अस्पताल में चार डॉक्टर पदस्थ जरूर हैं लेकिन सब शिफ्ट में ड्यूटी करते हैं। ओपीडी के समय डॉक्टर बैठते हैं लेकिन कभी-कभी एमएलसी एवं वार्ड में चेकअप करने जाते हैं ऐसे में फार्मासिस्ट मरीज को सुझाव देते हैं दवा पर्ची नहीं लिखते हैं।
*डॉ दीपक सिंह सी बीएमओ मझौली*