खैरी झील दुबरी में हाथी महोत्सव कैंप का हुआ समापन..
सप्ताह भर मेहमानबाजी के बाद कल से चारों हाथी देंगे अपनी सेवा..
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संजय सिंह मझौली सीधी
जिले के संजय टाइगर रिजर्व अंतर्गत वन परिक्षेत्र दुबरी के खैरी झील में दिनांक 14 अक्तूबर 2026 को “हाथी महोत्सव कैंप” का समापन समारोह पूर्वक आयोजित किया गया जिससे एक सप्ताह मेहमान बाजी के बाद चारों हाथी कल से अपनी सेवा देना शुरू करेंगे। कार्यक्रम क्षेत्रीय सांसद डॉ राजेश मिश्रा के मुख्यआतिथ्य में सम्पन्न हुआ।

कार्यक्रम में सर्वप्रथम सनातन संस्कृति के मुताबिक सभी हाथियों को भगवान गणेश का रूप मान कर चारों हाथी बापू,शांभवी,भरत व चित्रा का रंगरोदन के साथ सजावट कर तैयार किया गया इसके बाद मुख्य अतिथि एवं अन्य अतिथियों विभागीय कर्मचारी एवं ग्रामीण जनों के द्वारा सभी हाथियों को चंदन टीका लगाकर फूल माला पहनाया गया इसके बाद विभिन्न प्रकार के फल,गन्ना,नारियल,गुड़ एवं दैनिक आहार रोटी खिलाकर आदरपूर्वक नमन किया गया इसके बाद सभा आयोजित की गई।
अपने संबोधन में जहां उपसंचालक संजय टाइगर रिजर्व राजेश खन्ना टी ने कहा कि प्रति वर्ष हाथी महोत्सव का आयोजन किया जाता है जिनमें उनके स्वास्थ्य की जांच की जाती है विशेष पौष्टिक आहार दिए जाते हैं और एक सप्ताह तक इनसे काम नहीं लिया जाता है बल्कि इनका शारीरिक मसाज कर वर्ष भर के लिए इन्हें काम करने के लिए विशेष व्यवस्था के तहत ऊर्जावान बनाया जाता है ताकि यह पूर्व की भांति अपना काम जिसमें रेस्क्यू ,गश्ती एवं वन संरक्षण का अन्य कार्य लिया जाता है।
अपने संबोधन में सांसद श्री मिश्रा ने कहा कि हाथियों का सामाजिक धार्मिक एवं वैज्ञानिक सभी प्रकार से महत्व है जिसमें सनातन मान्यता के अनुसार इन्हें भगवान गणेश का रूप माना जाता है जिससे किसी भी शुभ कार्य के लिए सर्वप्रथम इन्हीं का पूजन किया जाता है। वहीं सनातन परंपरा में नदी, पेड़,पत्थर आदि सभी को भगवान मानकर उनकी पूजा की जाती है।उनमें आस्था रहती है फिर हाथी तो जीते जागते भगवान हैं जो संजय टाइगर रिजर्व के लिए पर्यावरण क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि यह पर्यटन जोन है इसलिए विभाग का लक्ष्य होना चाहिए और मेरा भी प्रयास रहेगा कि प्रतिवर्ष कम से कम 50000 से ऊपर पर्यटक यहां पहुंचे इसके लिए उन्होंने राष्ट्रीय स्तर के मीडिया संस्थानों से संपर्क कर इस क्षेत्र का कवरेज कर प्रचार प्रसार करने के लिए बुलाने का भरोसा दिया।वहीं कहा कि इस क्षेत्र के असली मालिक और वनरक्षक यहां के रहने वाले बनवासी, आदिवासी ग्रामीण है जिन्होंने वन एवं वन्य जीवों के लिए सदियों से समन्वय बनाकर इनका संरक्षण एवं संवर्धन किया है जिनका सादर स्वागत हैअभिवादन है।कार्यक्रम के अंत में अनुविभागीय अधिकारी संजय टाइगर रिजर्व मझौली हृदय लाल सिंह ने सभी का आभार प्रकट किया।कार्यक्रम का सफल एवं प्रभावी संचालन बीट गार्ड पूर्वी दुबरी शिवांगी द्विवेदी के द्वारा किया गया जिसकी अतिथियों एवं ग्रामीण जनों ने सराहना की। कार्यक्रम समापन के बाद सभी अतिथियों एवं ग्रामीण जनों को नाश्ता एवं भोजन कराया गया।
कार्यक्रम में उपस्थित अतिथिगणों में प्रमुख रूप से
विशिष्ट अतिथि के रूप उप संचालक संजय टाइगर रिजर्व राजेश कन्ना टी,वन्य प्राणी वार्डन डॉ. कैलाश तिवारी, सहायक संचालक सोन घड़ियाल प्रमोद सिंह, सहायक संचालक कुसमी,एवं अतिथियों में लवकेश सिंह पूर्व अध्यक्ष नगर परिषद, प्रवीण तिवारी मंडल अध्यक्ष मझौली,रावेंद्र उर्मलिया, अजय सिंह छोटू, परिक्षेत्र अधिकारी दुबरी विवेक सिंह, परिक्षेत्र अधिकारी बस्तुआ कैलाश बामनिया,परिक्षेत्र सहायकों में बड़काडोल बाबू नंदन सिंह,आशुतोष केवट, शिवकुमार कुर्रे वंरक्षकों में राकेश कुमार प्रजापति, शिवांगी द्विवेदी,संदीप मिश्रा, जय सुरेंद्र,उदयभान,वेद प्रकाश,मनीष जायसवाल एवं हाथी महावत व चारा कटर एवं सुरक्षा श्रमिक के साथ काफी संख्या में ग्रामीण शामिल रहे।



