धान खरीदी पंजीयन बंद, सिहावल के हजारों किसान संकट में..
कम समय और सर्वर की बाधा से छूटे किसान, पोर्टल दोबारा खोलने की मांग..
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सीधी
धान खरीदी के पंजीयन की समय-सीमा समाप्त होते ही सिहावल विधानसभा क्षेत्र के हजारों किसान समर्थन मूल्य पर अपनी उपज बेचने की चिंता में घिर गए हैं। किसानों का आरोप है कि सरकार ने पंजीयन के लिए पर्याप्त समय नहीं दिया और निर्धारित अवधि में सर्वर की समस्या ने भी उनकी मुश्किलें बढ़ाईं। अब पंजीयन से वंचित किसानों के सामने सवाल है कि वे अपनी धान कहां और किस कीमत पर बेचेंगे?
सिहावल क्षेत्र में बमुरी खरीदी केंद्र पर 820, अमिलिया में 650, बिठौली और सहजी में 350-350, पतुलखी में 110, चंदवाही में 100, बघोर में 102 और अमरपुर में 40 किसानों का पंजीयन नहीं हो पाने की जानकारी सामने आई है।
ये आंकड़े पंजीयन से छूटे किसानों की समस्या की गंभीरता उजागर करते हैं। पंजीयन नहीं होने पर किसानों को समर्थन मूल्य पर धान बेचने का अवसर मिलने में बाधा आ सकती है और खुले बाजार में कम कीमत मिलने का जोखिम बढ़ सकता है।
पंजीयन की प्रक्रिया में समय-सीमा और सर्वर की समस्या के कारण किसान छूटे हैं, तो इसकी जिम्मेदारी तय करने और उन्हें राहत देने की जरूरत है।
किसानों ने सिहावल विधायक विश्वामित्र पाठक और सांसद डॉ. राजेश मिश्रा से मांग की है कि वे शासन के समक्ष मुद्दा उठाकर धान पंजीयन पोर्टल दोबारा खुलवाएं। किसानों का कहना है कि पंजीयन से वंचित रह गए किसानों को एक और मौका दिया जाए, ताकि वे समर्थन मूल्य पर अपनी उपज बेचने से वंचित न रहें।



