पुरानी रंजिश ने लिया खूनी मोड़, सोनू कोल हत्याकांड में दो आरोपियों को उम्रकैद

तपस गुप्ता

Reporter | Updated: 01 Oct 2026, 11:01 AM IST | 1 min read
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उमरिया तपस गुप्ता

नौरोजाबाद थाना क्षेत्र में वर्ष 2020 में हुई सोनू कोल की हत्या के मामले में न्यायालय ने दो आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रियदर्शन शर्मा ने जावेद मुसलमान और राजेश यादव, दोनों निवासी नौरोजाबाद, को भारतीय दंड संहिता की धारा 302/34 के तहत दोषी पाते हुए आजीवन कारावास और अर्थदंड से दंडित किया।
अभियोजन के मीडिया प्रभारी नीरज पाण्डेय के अनुसार, घटना 1 अप्रैल 2020 की रात की है। मृतक सोनू कोल कोरोना संक्रमण के दौरान शासन के नियमानुसार जिला जेल से छूटकर घर आया था। घटना वाली रात वह अपने साथी विकास बर्मन के साथ बाजारपुरा नौरोजाबाद से सामान लेकर घर लौट रहा था। रात करीब 8 बजे के बाद जब दोनों बड़े ग्राउंड के पीछे पानी टंकी नर्सरी के पास पहुंचे, तभी जावेद मुसलमान और राजेश यादव ने सोनू कोल का रास्ता रोक लिया।
अभियोजन के अनुसार, दोनों आरोपियों ने पुरानी रंजिश को लेकर सोनू के साथ मारपीट शुरू कर दी। इसी दौरान जावेद ने कथित तौर पर अपने पास रखे धारदार चाकू से हमला किया। आरोप है कि राजेश यादव ने सोनू को पकड़ लिया, जबकि जावेद ने चाकू से उसके गले और कमर के पीछे गंभीर वार किए। हमले में सोनू घायल हो गया और उसके शरीर से खून बहने लगा।
सोनू के शोर मचाने पर उसके साथ मौजूद विकास बर्मन ने बीच-बचाव किया। इसके बाद सोनू किसी तरह आरोपियों के चंगुल से निकलकर वहां से भागा और नौरोजाबाद थाने पहुंचा। मामले में पुलिस ने अपराध क्रमांक 87/2020 दर्ज करते हुए धारा 341, 294, 307, 34 भादंसं तथा एससी/एसटी एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज किया। बाद में घायल सोनू कोल की मृत्यु हो जाने पर मामले में धारा 302 भादंसं बढ़ाई गई।
मामले की सुनवाई के दौरान चक्षुदर्शी साक्षी विकास बर्मन पक्षद्रोही हो गया। इसके बावजूद अभियोजन ने मृतक के मृत्युकालिक कथन सहित अन्य साक्ष्यों को न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया। अभियोजन के अनुसार, इन्हीं साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों के विरुद्ध अपराध संदेह से परे प्रमाणित हुआ।
प्रकरण में अभियोजन की ओर से प्रभावी संचालन और सशक्त पैरवी उप निदेशक अभियोजन आर.के. चतुर्वेदी, उमरिया द्वारा की गई। उनके तर्कों से सहमत होते हुए न्यायालय ने जावेद मुसलमान और राजेश यादव को हत्या का दोषी माना और दोनों को आजीवन कारावास तथा अर्थदंड की सजा सुनाई। न्यायालय के इस फैसले के साथ करीब छह वर्ष पुराने सोनू कोल हत्याकांड में अभियोजन की ओर से चल रही कानूनी प्रक्रिया का महत्वपूर्ण चरण पूरा हुआ।