हिनौती पंचायत में 20 लाख के PCC निर्माण पर सवाल, ग्रामीणों ने SDM से की शिकायत
8 इंच की जगह 3 इंच गिट्टी डालने का आरोप, मिट्टी और सीमेंट की गुणवत्ता पर भी उठे सवाल; SDM ने जांच के बाद कार्रवाई का दिया भरोसा
Also Read
सीधी। जिले के सिहावल विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत हिनौती में करीब 20 लाख रुपये की लागत से कराए जा रहे PCC निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर ग्रामीणों ने सवाल उठाए हैं। निर्माण में निर्धारित मापदंडों का पालन नहीं होने और घटिया सामग्री के इस्तेमाल का आरोप लगाते हुए ग्रामीणों ने शुक्रवार सुबह करीब 11 बजे SDM सिहावल राकेश शुक्ला से शिकायत की है।
ग्रामीणों के अनुसार, ग्राम पंचायत हिनौती में सरपंच रजनी प्रजापति और सरपंच प्रतिनिधि केशव प्रजापति की देखरेख में PCC निर्माण कार्य कराया जा रहा है। आरोप है कि जहां करीब 8 इंच की गिट्टी की परत होनी चाहिए, वहां लगभग 3 इंच ही गिट्टी डाली जा रही है। इसके अलावा निर्माण में इस्तेमाल होने वाली मिट्टी और सीमेंट की गुणवत्ता पर भी सवाल उठाए गए हैं।
ग्रामीणों ने प्रशासन से निर्माण स्थल का निरीक्षण कराकर PCC की मोटाई, निर्माण सामग्री की गुणवत्ता और निर्धारित तकनीकी मापदंडों की जांच कराने की मांग की है। हालांकि, आरोपों की वास्तविकता की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
सरकारी राशि के सदुपयोग की मांग
ग्रामीण नीरज प्रजापति ने बताया कि शिकायत का उद्देश्य किसी पर व्यक्तिगत आरोप लगाना नहीं, बल्कि सरकारी राशि से हो रहे निर्माण कार्य में पारदर्शिता और गुणवत्ता सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि जनता के पैसे से होने वाला निर्माण निर्धारित मानकों के अनुरूप होना चाहिए, ताकि सड़क टिकाऊ बने और सरकारी राशि का दुरुपयोग न हो।
SDM बोले- जांच कराकर होगी कार्रवाई
SDM सिहावल राकेश शुक्ला ने बताया कि ग्रामीणों की शिकायत प्राप्त हुई है। मामले की जांच कराई जाएगी और यदि निर्माण कार्य में अनियमितता पाई जाती है, तो नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने कहा कि शासकीय राशि का दुरुपयोग नहीं होना चाहिए और निर्माण की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। पंचायत सचिव और सरपंच को भी निगरानी की जिम्मेदारी दी गई है। यदि वे अपने दायित्वों का सही ढंग से निर्वहन नहीं करते हैं, तो उनके विरुद्ध भी कार्रवाई की जाएगी।
अब जांच के बाद ही स्पष्ट होगा कि करीब 20 लाख रुपये की लागत से हो रहे PCC निर्माण में निर्धारित मानकों का पालन किया जा रहा है या नहीं।



