पंचायत दर्पण पोर्टल पर पुरानी जानकारी का खेल! पुराने कर्मचारियों के नाम अब भी दर्ज, बिल की जगह भुगतान पत्रक फीड करने के आरोप
कुसमी। सीधी जिले के आदिवासी विकासखंड कुसमी में पंचायत दर्पण पोर्टल पर ग्राम पंचायतों की जानकारी अपडेट नहीं होने और भुगतान संबंधी विवरणों में अनियमितता के आरोप सामने आए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि शासन की मंशा के अनुरूप पोर्टल पर ग्राम पंचायतों से जुड़ी जानकारी सही एवं अद्यतन रूप में प्रदर्शित नहीं की जा रही है। इससे ग्रामीणों को पंचायत में होने वाले कार्यों और खरीदी से संबंधित जानकारी प्राप्त करने में परेशानी हो रही है।
हरदी ग्राम पंचायत से सामने आया मामला
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मामला ग्राम पंचायत हरदी से सामने आया है। ग्रामीणों के अनुसार पंचायत दर्पण पोर्टल पर वर्तमान पदस्थापना के बजाय पुराने कर्मचारियों के नाम अब भी दर्ज दिखाई दे रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि राजेश गुप्ता का नाम हरदी ग्राम पंचायत में सचिव के पद पर दर्ज है, जबकि उनके संबंध में हाल ही में जिला पंचायत स्तर से निलंबन की कार्रवाई किए जाने की जानकारी सामने आई है। इसी तरह उपयंत्री राजेंद्र नर्रे का नाम भी पोर्टल पर दर्ज होने की बात कही जा रही है, जबकि उनका स्थानांतरण कुसमी जनपद पंचायत से हो चुका है।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि कर्मचारियों की पदस्थापना बदल गई है तो पंचायत दर्पण पोर्टल पर भी उनकी जानकारी समय-समय पर अपडेट की जानी चाहिए, ताकि ग्रामीणों को वर्तमान में पदस्थ अधिकारी-कर्मचारियों की सही जानकारी मिल सके।
बिल की जगह भुगतान पत्रक फीड करने का आरोप
ग्रामीणों ने पंचायत दर्पण पोर्टल पर पंचायतों द्वारा किए जा रहे भुगतान की जानकारी को लेकर भी सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि शासन द्वारा पोर्टल पर बिल क्रमांक एवं संबंधित बिल की जानकारी दर्ज करने की व्यवस्था होने के बावजूद कुछ मामलों में वास्तविक बिल की प्रति अथवा खरीदी का विवरण अपलोड करने के बजाय भुगतान पत्रक की जानकारी फीड की जा रही है।
ग्रामीणों का कहना है कि इससे यह स्पष्ट नहीं हो पा रहा है कि पंचायत द्वारा किस सामग्री की खरीदी की गई, कितनी मात्रा में सामग्री खरीदी गई और उसके लिए कितना भुगतान किया गया। यदि खरीदी नियमानुसार की जा रही है तो संबंधित बिल एवं आवश्यक दस्तावेज पोर्टल पर स्पष्ट रूप से उपलब्ध होने चाहिए, जिससे आम ग्रामीण भी पंचायत के खर्चों की जानकारी देख सकें।
सरपंच, सचिव और रोजगार सहायक की जानकारी पर भी सवाल
ग्रामीणों ने पंचायत दर्पण पोर्टल पर कई पंचायतों में सरपंच, सचिव एवं रोजगार सहायक सहित अन्य कर्मचारियों की जानकारी भी सही तरीके से अपडेट नहीं होने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि यदि पोर्टल पर पदस्थ अधिकारियों एवं कर्मचारियों के नाम ही पुराने दर्ज हैं और भुगतान संबंधी जानकारी भी स्पष्ट रूप से उपलब्ध नहीं है, तो ग्रामीणों को पंचायत के कामकाज की वास्तविक स्थिति जानने में कठिनाई होना स्वाभाविक है।
42 पंचायतों की जानकारी की जांच की मांग
ग्रामीणों का आरोप है कि कुसमी जनपद पंचायत क्षेत्र की 42 ग्राम पंचायतों में पंचायत दर्पण पोर्टल पर दर्ज जानकारी की गंभीरता से जांच की आवश्यकता है। उनका कहना है कि प्रत्येक पंचायत में वर्तमान सरपंच, सचिव, रोजगार सहायक एवं अन्य पदस्थ कर्मचारियों की जानकारी का सत्यापन किया जाए। साथ ही पोर्टल पर दर्ज भुगतान, बिल क्रमांक और खरीदी संबंधी दस्तावेजों का भी मिलान कराया जाए।
ग्रामीणों ने जिला पंचायत सीईओ एवं कलेक्टर से मांग की है कि पंचायत दर्पण पोर्टल पर दर्ज जानकारी का पंचायतवार सत्यापन कराया जाए। यदि कहीं गलत या पुरानी जानकारी दर्ज है तो उसे तत्काल अपडेट कराया जाए और बिल के स्थान पर भुगतान पत्रक फीड किए जाने सहित अन्य शिकायतों की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
जनपद की रैंकिंग पर भी उठे सवाल
गौरतलब है कि हाल ही में जिला पंचायत सीईओ द्वारा कुसमी क्षेत्र का दौरा किया गया था। इस दौरान कुसमी जनपद पंचायत की रैंकिंग कम होने की बात सामने आई थी। अब पंचायत दर्पण पोर्टल पर ही जानकारी सही तरीके से अपडेट नहीं होने के आरोप सामने आने के बाद ग्रामीणों ने सवाल उठाया है कि जब ऑनलाइन पोर्टल पर पंचायतों की जानकारी ही दुरुस्त नहीं है तो जमीनी स्तर पर पंचायतों के कामकाज की वास्तविक स्थिति की निगरानी किस तरह हो रही है।
ग्रामीणों ने मांग की है कि जिला पंचायत एवं जनपद पंचायत के अधिकारी पोर्टल की जानकारी का भौतिक सत्यापन कराएं, ताकि यदि किसी स्तर पर लापरवाही या अनियमितता है तो उसका तथ्य सामने आ सके। ग्रामीणों का कहना है कि पंचायत दर्पण पोर्टल पारदर्शिता का माध्यम है, इसलिए इसमें दर्ज प्रत्येक जानकारी वर्तमान, प्रमाणित और सार्वजनिक रूप से स्पष्ट होनी चाहिए।



