# प्रधानमंत्री सड़क पर धूल का गुबार, ग्रामीण परेशान,SDM, कलेक्टर से लगाई गुहार
**80 से 90 टन रेत लोड हाईवा के आवागमन से सड़क टूटने का आरोप, स्कूली बच्चों और रहवासियों की बढ़ी मुश्किलें**
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सीधी जिले के कुसमी क्षेत्र में गोपद नदी से रेत लेकर निकल रहे भारी हाईवा वाहनों के कारण प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना की सड़क पर धूल का गुबार उड़ रहा है। सड़क किनारे बसे ग्रामीणों का जीना मुश्किल हो गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि ओवरलोड वाहनों के लगातार आवागमन से सड़क क्षतिग्रस्त हो रही है, वहीं उड़ती धूल से लोगों के खान-पान, दैनिक जीवन और आवागमन पर बुरा असर पड़ रहा है। समस्या से परेशान ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग की है।
*##घरों से लेकर स्कूली बच्चों तक पर धूल का असर*
ग्रामीणों के मुताबिक, रेत से लदे हाईवा गुजरते ही सड़क पर धूल का गुबार छा जाता है। सड़क किनारे स्थित घरों में धूल-मिट्टी जमा हो रही है, जिससे भोजन और घरेलू सामान भी प्रभावित हो रहे हैं। स्कूल जाने वाले बच्चों की यूनिफॉर्म धूल से भर जाती है। धूल के कारण सांस लेने में परेशानी होने की शिकायत भी ग्रामीण कर रहे हैं।
सड़क पर धूल के साथ-साथ भारी वाहनों के कारण दुर्घटना की आशंका भी बनी हुई है। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत बनी यह सड़क सिंगल लेन है। ऐसे में भारी हाईवा के सामने बाइक, चारपहिया वाहन और अन्य छोटे वाहनों को साइड देने में कठिनाई होती है। अभिभावकों को बच्चों के सुरक्षित आवागमन को लेकर चिंता सता रही है।
*## 8 टन क्षमता वाली सड़क पर 80-90 टन के वाहन चलने का आरोप*
ग्रामीणों का कहना है कि विभागीय जानकारी के अनुसार सड़क पर लगभग 8 टन तक भार वाले वाहनों के संचालन की व्यवस्था है, जबकि यहां 80 से 90 टन तक रेत लदे हाईवा गुजरने का आरोप है। ग्रामीणों के मुताबिक, भारी वाहनों के लगातार आवागमन से सड़क टूटकर क्षतिग्रस्त हो रही है। यदि समय रहते इस पर रोक नहीं लगाई गई, तो सड़क की स्थिति और खराब हो सकती है।
हालांकि, सड़क की निर्धारित भार क्षमता और वाहनों के वास्तविक कुल वजन की आधिकारिक पुष्टि संबंधित विभाग से होना बाकी है।
*## भदौरा रेलवे अंडरब्रिज में भी हादसे का खतरा*
ग्रामीणों ने भदौरा रेलवे अंडरब्रिज की स्थिति पर भी चिंता जताई है। उनका कहना है कि रेत लदे वाहनों के आवागमन के दौरान अंडरब्रिज के भीतर पानी भरा रहने से वाहनों को निकलने में परेशानी होती है और दुर्घटना का खतरा बना रहता है। हाल ही में निर्मित अंडरब्रिज को भारी वाहनों से नुकसान पहुंचने की आशंका भी ग्रामीणों ने जताई है। ग्रामीणों ने संबंधित विभाग से इसकी स्थिति की जांच कराने की मांग की है।
*## 29 अक्टूबर को आनंद सिंह ददुआ के नेतृत्व में धरना-प्रदर्शन*
समस्या को लेकर ग्रामीणों ने आनंद सिंह ददुआ को अपनी परेशानी से अवगत कराया है। ग्रामीणों के साथ 29 अक्टूबर को धरना-प्रदर्शन करने की तैयारी की जा रही है। इस संबंध में कलेक्टर को पत्र देकर कार्रवाई की मांग किए जाने की जानकारी भी सामने आई है।
ग्रामीणों ने कुसमी एसडीएम और जिला कलेक्टर का ध्यान आकृष्ट कराते हुए मांग की है कि भारी वाहनों के आवागमन पर नियमानुसार नियंत्रण लगाया जाए, सड़क पर नियमित पानी का छिड़काव कराया जाए तथा ओवरलोड वाहनों की जांच कर उचित कार्रवाई की जाए। साथ ही सड़क और रेलवे अंडरब्रिज की स्थिति का निरीक्षण कर आवश्यक सुधार कराने की मांग की गई है।
*## ग्रामीणों ने एकजुट होकर उठाई आवाज*
इस समस्या को लेकर अर्जुन सिंह परिहार, प्रभाषणकर गुप्ता, लाली गुप्ता, मोनू गुप्ता, भूरे कॉल, राजेश तिवारी, दादू गुप्ता, रामप्रसाद गुप्ता, सोनू गुप्ता, बब्बू तिवारी और पल्लू कॉल सहित अन्य ग्रामीणों ने कार्रवाई की मांग की है।
अब देखना होगा कि जिला प्रशासन और संबंधित विभाग ग्रामीणों की शिकायत पर क्या कदम उठाते हैं। फिलहाल ग्रामीणों को सड़क की सुरक्षा, धूल से राहत और सुरक्षित आवागमन के लिए प्रशासनिक कार्रवाई का इंतजार है।



