सामग्री खरीदी के 23 दिन पहले ही लगी भुगतान की मुहर,पंचायत के लाखों के बिल में उठे सवाल।

अमित श्रीवास्तव

Reporter | Updated: 11 Oct 2026, 09:19 AM IST | 1 min read
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# सामग्री खरीदी से 23 दिन पहले ही भुगतान की मुहर! चिनगवाह पंचायत में लाखों के बिल पर उठे सवाल

**₹1.08 लाख की सीमेंट-सरिया खरीदी का मामला, ग्रामीणों ने बिल और निर्माण कार्य की जांच की उठाई मांग**

**कुसमी (सीधी)।** जनपद पंचायत कुसमी अंतर्गत ग्राम पंचायत चिनगवाह में सामग्री खरीदी और भुगतान से जुड़े एक बिल को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। ग्रामीणों ने बिल में दर्ज तारीखों में अंतर पर आपत्ति जताते हुए सरपंच और सचिव की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। ग्रामीणों ने मामले की जांच कर कार्रवाई की मांग की है।

ग्रामीणों के अनुसार, बिल आईडी **17847308**, बिल क्रमांक **579** के तहत बद्री ट्रेडर्स से 28 मार्च 2026 को सीमेंट और सरिया की खरीदी दर्शाई गई है, जिसकी कुल राशि 1,08,254 रुपये बताई गई है। आरोप है कि इसी बिल पर भुगतान पास किए जाने की मुहर में 5 मार्च 2026 की तारीख दर्ज है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि जब सामग्री की खरीदी 28 मार्च को दर्शाई गई है, तो उससे 23 दिन पहले ही भुगतान पास होने की तारीख कैसे दर्ज हो गई?

ग्रामीणों का आरोप है कि बिल पर सरपंच और सचिव की मुहर भी लगी हुई है। तारीखों में इस अंतर को लेकर ग्रामीणों ने बिल की सत्यता और भुगतान प्रक्रिया की जांच की मांग की है।

### पांचवें वित्त आयोग की राशि से भुगतान का आरोप

ग्रामीणों के मुताबिक, उक्त राशि पांचवें वित्त आयोग से निकाले जाने की बात सामने आई है। वहीं, योजना के तहत विटखुरी में तार फेंसिंग एवं शांतिधाम उन्नयन का कार्य दर्शाया गया है। ग्रामीणों ने सवाल उठाया है कि जब संबंधित कार्य के लिए सीमेंट और सरिया की इतनी बड़ी मात्रा में खरीदी दिखाई गई है, तो सामग्री का उपयोग कहां और किस निर्माण कार्य में किया गया, इसकी भी जांच होनी चाहिए।

### बिल के साथ निर्माण कार्य की भी जांच की मांग

ग्रामीणों ने बिल में दर्ज तारीखों के अंतर और सामग्री खरीदी के औचित्य पर संदेह जताते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि संबंधित बिल, भुगतान की तारीख, सामग्री की वास्तविक आपूर्ति और निर्माण कार्य का भौतिक सत्यापन कराया जाना चाहिए, ताकि स्थिति स्पष्ट हो सके।

ग्रामीणों ने जनपद पंचायत कुसमी के मुख्य कार्यपालन अधिकारी का ध्यान आकृष्ट कराते हुए मामले की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई किए जाने की मांग की है। अब देखना होगा कि संबंधित विभाग इस मामले में क्या कदम उठाता है।