सीधी में विश्वविद्यालय स्थापना की मांग हुई तेज,छात्र-छात्राओं ने प्रधानमंत्री के नाम सौपा ज्ञापन।

अमित श्रीवास्तव

Reporter | Updated: 09 Oct 2026, 01:18 PM IST | 1 min read
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सीधी जिले में विश्वविद्यालय स्थापना की मांग तेज, छात्र-छात्राओं ने प्रधानमंत्री के नाम सौंपा आवेदन

80 वर्ष की आजादी के बाद भी जिले में गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा का अभाव चिंताजनक, विद्यार्थियों ने की विश्वविद्यालय स्थापना की मांग

सीधी। जिले में उच्च शिक्षा की समस्याओं को लेकर छात्र-छात्राओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम आवेदन सौंपकर सीधी में विश्वविद्यालय स्थापित करने की मांग की है। आवेदन में कहा गया है कि सीधी आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र है, जहां अधिकांश गरीब परिवार निवास करते हैं। ऐसे में जिले में उच्च शिक्षा की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने से विद्यार्थियों को पढ़ाई के लिए दूसरे जिलों और प्रदेशों में जाना पड़ता है।

छात्र-छात्राओं ने आवेदन में उल्लेख किया कि बाहर जाकर उच्च शिक्षा प्राप्त करने में विद्यार्थियों को समय के साथ-साथ भारी आर्थिक बोझ भी उठाना पड़ता है। आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के कई विद्यार्थी उच्च शिक्षा से वंचित हो जाते हैं, जबकि कुछ को अपनी रुचि के विपरीत विषयों में पढ़ाई करने के लिए मजबूर होना पड़ता है।

आवेदन में कहा गया है कि सरकार सबका साथ, सबका विकास और सबके विश्वास के संकल्प के साथ आगे बढ़ रही है, लेकिन सीधी जिले में गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा का अभाव आज भी चिंता का विषय है। विद्यार्थियों ने प्रधानमंत्री से जिले में विश्वविद्यालय स्थापित करने की मांग करते हुए कहा कि इससे स्थानीय युवाओं को अपने जिले में ही बेहतर शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिलेगा और गरीब परिवारों पर आर्थिक बोझ भी कम होगा।

छात्र-छात्राओं ने उम्मीद जताई कि प्रधानमंत्री उनकी मांग पर गंभीरता से विचार करते हुए सीधी जिले में विश्वविद्यालय की स्थापना के लिए आवश्यक कदम उठाएंगे। आवेदन पर जिले के विभिन्न छात्र-छात्राओं ने हस्ताक्षर कर अपनी मांग का समर्थन किया है।

प्रमुख मांग: सीधी जिले में विश्वविद्यालय की स्थापना कर स्थानीय विद्यार्थियों को सुलभ एवं गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा उपलब्ध कराई जाए।