उमरिया की खबर का शहडोल में दिखा असर, फिर भी उमरिया की चौकी बदहाल
शहडोल में वर्षों से बंद यातायात चौकी दोबारा शुरू, उमरिया के अमिलिहा में लाखों का भवन अब भी इंतजार में
Also Read
उमरिया तपस गुप्ता (7999276090)
एक जिले में खबर के बाद पुलिस जागी और वर्षों से बंद पड़ी यातायात चौकी फिर शुरू हो गई, लेकिन दूसरे जिले में उसी तरह की बदहाली अब भी सवाल बनी हुई है। उमरिया जिले में अमिलिहा स्थित यातायात हाईवे चौकी की बदहाली को लेकर प्रकाशित खबर का असर शहडोल में देखने को मिला है। शहडोल पुलिस ने कंचनपुर क्षेत्र में वर्षों से बंद पड़ी यातायात चौकी को दोबारा शुरू कर दिया है।
शहडोल में खुली चौकी, हाईवे पर बढ़ी निगरानी
शहडोल में हाईवे टोल प्लाजा के पास स्थित कंचनपुर पुलिस चौकी का शुभारंभ पुलिस अधीक्षक डॉ. संजय कुमार अग्रवाल की मौजूदगी में किया गया। चौकी पर यातायात पुलिस की निगरानी रहेगी। इसका उद्देश्य हाईवे पर यातायात व्यवस्था को बेहतर करना, नियम तोड़ने वालों पर नजर रखना, संदिग्ध गतिविधियों की निगरानी और सड़क सुरक्षा को मजबूत करना बताया गया है। शहडोल पुलिस की ओर से यातायात व्यवस्था और आमजन की सुरक्षा पर विशेष निगरानी की बात कही गई है।
इधर उमरिया में चौकी भवन खुद मांग रहा सुरक्षा
वहीं उमरिया जिले के पाली जनपद क्षेत्र के अमिलिहा में NH-43 किनारे बनी यातायात चौकी की तस्वीर बिल्कुल अलग है। लाखों रुपये की लागत से तैयार भवन लंबे समय से उपयोग में नहीं है। भवन की फॉल सीलिंग गिर चुकी है, खिड़की-दरवाजे गायब बताए जा रहे हैं और टॉयलेट के कमोड तक चोरी होने की बात सामने आई है।
भवन के अंदर शराब की बोतल और ताश के पत्ते मिलने का भी दावा किया गया है। हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
चार साल बाद भी चौकी शुरू होने का इंतजार
बताया जाता है कि अमिलिहा की यातायात चौकी का भवन वर्ष 2021-22 में हैंडओवर हो गया था। इसके बावजूद अब तक यहां यातायात पुलिस की नियमित व्यवस्था शुरू नहीं हो सकी। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि जब हाईवे पर यातायात नियंत्रण और दुर्घटनाओं के दौरान तत्काल सहायता के उद्देश्य से भवन बनाया गया था, तो आखिर इसका इस्तेमाल कब होगा?
शहडोल ने दिखाई राह, उमरिया में अब किसका इंतजार
शहडोल में बंद चौकी को दोबारा शुरू किए जाने के बाद उमरिया की अमिलिहा चौकी को लेकर चर्चा और तेज हो गई है। खासकर तब, जब यह क्षेत्र NH-43 पर स्थित है और अमिलिहा-घुंघुटी मार्ग पर यातायात व सड़क सुरक्षा की जरूरत बनी रहती है।
अब सवाल यही है कि जब शहडोल में बंद पड़ी चौकी को दोबारा शुरू किया जा सकता है, तो उमरिया में तैयार भवन को उपयोग में लाने के लिए आखिर कितना और इंतजार करना होगा।
उमरिया की खबर पर शहडोल में कार्रवाई दिखाई दी, लेकिन अमिलिहा की चौकी अब भी व्यवस्था की ओर टकटकी लगाए खड़ी है। उमरिया पुलिस-प्रशासन की अगली कार्रवाई पर अब लोगों की नजर है।
