सीधी कन्या महाविद्यालय के छात्राओं के ग्रुप में अश्लील वीडियो भेजने का आरोप

मनोज शुक्ला सम्पादक

Editor | Updated: 03 Nov 2026, 06:41 AM IST | 1 min read
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सीधी कन्या महाविद्यालय के छात्राओं के ग्रुप में अश्लील वीडियो भेजने का आरोप, स्पोर्ट्स टीचर ने बताया मोबाइल हैक

31 अक्टूबर को दोपहर में भेजे गए 6 वीडियो शाम 4 बजे हटाए गए, शिक्षक ने कोतवाली में दिया आवेदन; प्राचार्य बोले- मामले की जांच कर रहा हूं

सीधी। सीधी जिले के कन्या महाविद्यालय में छात्राओं के एक ग्रुप में कथित तौर पर अश्लील वीडियो भेजे जाने का मामला सामने आया है। आरोप है कि महाविद्यालय के स्पोर्ट्स टीचर उमेश पाठक के मोबाइल नंबर से 31 अक्टूबर को छात्राओं के ग्रुप में छह वीडियो भेजे गए। वीडियो के साथ उन्हें खोलकर देखने की बात भी लिखी गई थी। मामले की जानकारी मिलने के बाद छात्राओं ने महाविद्यालय के अधिकारियों से शिकायत की। घटना के बाद शिक्षक ने मोबाइल हैक होने की बात कही है, जबकि मामले को लेकर महाविद्यालय में सवाल उठ रहे हैं।

जानकारी के मुताबिक, 31 अक्टूबर को दोपहर करीब 1 बजे छात्राओं के ग्रुप में ये वीडियो भेजे गए थे। छात्राओं की शिकायत के बाद महाविद्यालय के अधिकारी डॉ. देवेंद्र सोनी ने ग्रुप से वीडियो हटवा दिए। बताया गया कि शाम करीब 4 बजे तक वीडियो हटा दिए गए थे। इसके बाद छात्राओं ने मामले की शिकायत प्राचार्य ओपी नामदेव से भी की।

शिक्षक ने कोतवाली में दिया आवेदन

मामले में उमेश पाठक ने मोबाइल हैक होने का दावा किया। बताया गया कि वह शाम करीब 6 बजे कोतवाली थाने पहुंचे और मोबाइल हैक होने के संबंध में आवेदन दिया। बातचीत के दौरान उन्होंने भी कहा कि उनका मोबाइल हैक हुआ था, लेकिन करीब आधे घंटे में ही मोबाइल दोबारा चालू हो गया था। हालांकि, अन्य किसी नंबर या ग्रुप में भी ऐसे वीडियो भेजे गए थे या नहीं, इस संबंध में उन्होंने स्पष्ट जानकारी नहीं दी।

प्राचार्य बोले- कर रहा हूं जांच

प्राचार्य ओपी नामदेव ने बताया कि छात्राओं ने शिकायत की है और वह मामले की जांच कर रहे हैं। उनके अनुसार, उमेश पाठक ने मोबाइल हैक होने की बात कही थी। प्राचार्य ने यह भी बताया कि शिक्षक उनका फोन भी नहीं उठा रहे हैं और अपना मोबाइल बंद कर रखा है। छात्राओं का आरोप है कि शिकायत के बावजूद उनकी बात को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है और प्राचार्य शिक्षक का बचाव करते नजर आते हैं। छात्राओं का कहना है कि ग्रुप में प्राचार्य भी मौजूद थे।

जांच के बाद स्पष्ट होगी स्थिति

घटना के बाद मोबाइल हैक होने के दावे, वीडियो भेजे जाने की परिस्थितियों और जिम्मेदारी को लेकर कई सवाल खड़े हो रहे हैं। फिलहाल, शिक्षक का पक्ष मोबाइल हैक होने का है। मामले में पुलिस की जांच और महाविद्यालय प्रबंधन की आधिकारिक कार्रवाई के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। छात्राओं की शिकायत पर क्या कार्रवाई की जाती है, इस पर भी सभी की नजरें टिकी हैं।