बंद लिफाफा जमा करने के बाद आया फोन, अधिकारी के बुलावे पर पहुंचा था ठेकेदार
उमरिया तपस गुप्ता (7999276090)
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संजय गांधी ताप विद्युत केंद्र के सिविल डिवीजन क्रमांक-2 में टेंडर प्रक्रिया को लेकर गंभीर विवाद सामने आया है। एक ठेकेदार ने सिविल-2 के कार्यपालन अभियंता राम आश्रय शर्मा पर गाली-गलौज, मारपीट, कपड़े फाड़ने, टेंडर प्रक्रिया से हटने के लिए दबाव बनाने और झूठे मामले में फंसाने की धमकी देने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। शिकायतकर्ता नीरज मिश्रा ने थाना पाली में लिखित शिकायत देकर मामले में एफआईआर और निष्पक्ष जांच की मांग की है।
टेंडर जमा किया, फिर आया ‘साहब बुला रहे हैं’ का फोन
शिकायत के अनुसार नीरज मिश्रा 5 अक्टूबर को दोपहर करीब 2 से 3 बजे के बीच सिविल वर्क की इंक्वायरी/टेंडर में भाग लेने के लिए सिविल डिवीजन-2 पहुंचे थे। उन्होंने नियमानुसार टेंडर का बंद लिफाफा कार्यालय में जमा किया। इसके कुछ समय बाद उनके मोबाइल पर राम आश्रय शर्मा के अधीन कार्यरत बताए गए सुजीत नामक व्यक्ति का फोन आया। शिकायतकर्ता के अनुसार सुजीत ने कहा कि ‘साहब बुला रहे हैं, टेंडर खोलना है।’ इसके बाद नीरज कार्यालय पहुंचे।
‘टेंडर नहीं लेगा’ कहकर दबाव बनाने का आरोप
शिकायतकर्ता का आरोप है कि कार्यालय पहुंचते ही कार्यपालन अभियंता राम आश्रय शर्मा ने उनके साथ अभद्रता और गाली-गलौज शुरू कर दी। नीरज के मुताबिक उन्हें कहा गया कि वे बहुत बड़े ठेकेदार बन रहे हैं और टेंडर नहीं लेंगे। इसके बाद कथित तौर पर उन्हें झूठे प्रकरण में फंसाने की धमकी दी गई।
एससी-एसटी और महिलाओं से झूठे आरोप लगवाने की धमकी का आरोप
शिकायत में राम आश्रय शर्मा पर बेहद गंभीर धमकी देने का आरोप लगाया गया है। नीरज मिश्रा के अनुसार अधिकारी ने कथित तौर पर अपने अधीन काम करने वाले लोगों का हवाला देते हुए एससी-एसटी प्रकरण में फंसाने तथा महिलाओं से झूठे आरोप लगवाकर जेल भिजवाने की बात कही। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि उन्हें यह भी कहा गया कि ‘पैसे में बहुत दम होता है’ और उन्हें फंसा दिया जाएगा।
लात-घूंसों से मारपीट, टी-शर्ट फाड़ने का आरोप
मामला यहीं नहीं रुका। शिकायतकर्ता का आरोप है कि विवाद के दौरान राम आश्रय शर्मा ने उनके साथ लात-घूंसों से मारपीट की और उनकी टी-शर्ट फाड़ दी। नीरज ने शिकायत में बताया कि उनके बाएं पैर में पहले से ऑपरेशन हुआ है और टांके लगे हुए हैं। आरोप है कि मारपीट के दौरान उसी पैर पर चोट पहुंचाई गई, जिसके बाद उन्हें चलने में परेशानी हो रही है।
सीसीटीवी फुटेज से सामने आ सकता है सच
शिकायतकर्ता ने पुलिस से सिविल डिवीजन-2 में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज तत्काल सुरक्षित कराने की मांग की है। उनका कहना है कि घटना कार्यालय परिसर में हुई है, इसलिए सीसीटीवी रिकॉर्डिंग पूरे घटनाक्रम की जांच में अहम साक्ष्य साबित हो सकती है। उन्होंने उन्हें फोन करने वाले सुजीत से भी पूछताछ करने की मांग की है।
फटी टी-शर्ट और मेडिकल रिपोर्ट को बनाया जाए साक्ष्य
नीरज मिश्रा ने पुलिस से तत्काल मेडिकल/एमएलसी कराने तथा बाएं पैर की चोट को मेडिकल रिपोर्ट में दर्ज करने की मांग की है। इसके साथ ही फटी हुई टी-शर्ट और शरीर पर आई चोटों को भी जांच में साक्ष्य के रूप में शामिल करने का अनुरोध किया है। शिकायतकर्ता ने अपनी सुरक्षा को लेकर भी पुलिस से चिंता जताई है।
टेंडर प्रक्रिया की निष्पक्षता पर भी उठे सवाल
पूरे घटनाक्रम को लेकर अब टेंडर प्रक्रिया की निष्पक्षता पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। शिकायतकर्ता का दावा है कि टेंडर में भाग लेने के बाद ही उस पर कथित तौर पर टेंडर से हटने का दबाव बनाया गया। ऐसे में पुलिस जांच में यह भी स्पष्ट होना जरूरी होगा कि विवाद की वास्तविक वजह क्या थी और क्या टेंडर प्रक्रिया को प्रभावित करने का कोई प्रयास किया गया।
अधिकारी का पक्ष जानने का प्रयास, नहीं हो सका संपर्क
मामले में कार्यपालन अभियंता सिविल-2 राम आश्रय शर्मा से उनका पक्ष जानने के लिए संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनसे संपर्क नहीं हो सका। उनका पक्ष सामने आने पर उसे भी समाचार में प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।
अब पुलिस के सामने शिकायत में लगाए गए आरोपों की जांच, मेडिकल रिपोर्ट, सीसीटीवी फुटेज, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और अन्य साक्ष्यों के आधार पर पूरे मामले की वास्तविकता सामने लाने की चुनौती है। मामला सरकारी ताप विद्युत केंद्र से जुड़ा होने के कारण जांच की निष्पक्षता और पारदर्शिता पर भी नजर रहेगी।



