टेस्ट के नाम पर छात्रों को बुलाकर BJP के कार्यक्रम में ले जाने का आरोप प्राचार्य के कक्ष के बाहर लगा

मनोज शुक्ला सम्पादक

Editor | Updated: 09 Oct 2026, 11:30 AM IST | 1 min read
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टेस्ट के नाम पर छात्रों को बुलाकर BJP के कार्यक्रम में ले जाने का आरोप, TRS कॉलेज में हंगामा; प्राचार्य के कक्ष के बाहर लगाई प्रतीकात्मक नेमप्लेट

एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने सैकड़ों छात्रों के साथ किया विरोध प्रदर्शन, निष्पक्ष जांच की मांग; प्राचार्य बोलीं—कॉलेज में किसी पार्टी का प्रचार नहीं होता

रीवा। शहर के टीआरएस महाविद्यालय में छात्रों को टेस्ट के नाम पर बुलाकर भाजपा के कार्यक्रम में ले जाने के आरोप को लेकर शुक्रवार को जमकर हंगामा हुआ। पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष एवं एनएसयूआई कार्यकर्ता नित्कर्ष मिश्रा के नेतृत्व में सैकड़ों छात्रों ने विरोध प्रदर्शन करते हुए महाविद्यालय प्रबंधन पर सवाल उठाए। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने प्राचार्य डॉ. अर्पिता अवस्थी के कक्ष के बाहर उनकी नेमप्लेट की जगह भाजपा सदस्य के नाम वाली प्रतीकात्मक नेमप्लेट लगा दी। साथ ही महाविद्यालय को प्रतीकात्मक रूप से भाजपा कार्यालय घोषित कर विरोध जताया।

टेस्ट के नाम पर बुलाने का आरोप

नित्कर्ष मिश्रा ने आरोप लगाया कि छात्रों को टेस्ट देने के लिए महाविद्यालय बुलाया गया था, लेकिन बाद में उन्हें एमसीसी ग्राउंड में आयोजित भाजपा के कार्यक्रम में ले जाया गया। उन्होंने अपने मोबाइल फोन में मौजूद दृश्य दिखाते हुए इस पूरे घटनाक्रम पर सवाल उठाए। उनका कहना था कि यदि छात्रों को शैक्षणिक गतिविधि के लिए बुलाया गया था, तो उन्हें राजनीतिक कार्यक्रम में ले जाने का उद्देश्य स्पष्ट किया जाना चाहिए।

मिश्रा ने कहा कि महाविद्यालय विद्यार्थियों की पढ़ाई और भविष्य निर्माण का केंद्र है। इसका उपयोग किसी राजनीतिक दल के कार्यक्रम में भीड़ जुटाने के लिए नहीं होना चाहिए। उन्होंने इसे छात्रों की स्वायत्तता और शैक्षणिक संस्थान की निष्पक्षता से जुड़ा मुद्दा बताया।

प्राचार्य के कक्ष के बाहर लगाई प्रतीकात्मक नेमप्लेट

विरोध प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने प्राचार्य डॉ. अर्पिता अवस्थी के नाम के साथ ‘सदस्य, भारतीय जनता पार्टी’ लिखी प्रतीकात्मक नेमप्लेट लगाई। इस दौरान नित्कर्ष मिश्रा और प्राचार्य के बीच तीखी बहस भी हुई। एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने कहा कि यह कदम महाविद्यालय में कथित राजनीतिक गतिविधियों के विरोध में उठाया गया है।

एनएसयूआई ने मांगी निष्पक्ष जांच

नित्कर्ष मिश्रा ने स्पष्ट किया कि उनका विरोध किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं, बल्कि शैक्षणिक संस्थानों को राजनीतिक गतिविधियों से दूर रखने के उद्देश्य से है। एनएसयूआई ने प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। संगठन चाहता है कि यह स्पष्ट हो कि छात्रों को किस उद्देश्य से बुलाया गया था और उन्हें भाजपा के कार्यक्रम में ले जाने की अनुमति किसने दी।

प्राचार्य ने आरोपों को बताया राजनीतिक

वहीं, प्राचार्य डॉ. अर्पिता अवस्थी ने आरोपों से इनकार करते हुए कहा कि महाविद्यालय में किसी भी राजनीतिक पार्टी का प्रचार नहीं किया जाता। यदि कोई छात्र किसी सम्मेलन या कार्यक्रम में जाता है, तो यह उसका व्यक्तिगत निर्णय है। इसमें महाविद्यालय की कोई भूमिका नहीं है। उन्होंने आरोप लगाने वालों पर राजनीति करने की बात कही।

फिलहाल, मामले में एनएसयूआई ने जांच की मांग उठाई है। छात्रों को किस उद्देश्य से बुलाया गया था और कार्यक्रम में उनकी भागीदारी किन परिस्थितियों में हुई, इसकी आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।