कोरेक्स की खाली शीशियों की माला पहनकर सड़क पर उतरे युवा, झाड़ू लगाकर दिया नशामुक्ति का संदेश
रीवा में शहीद भगत सिंह सेवा समिति का अनूठा विरोध प्रदर्शन, इंटरनेट पर ‘कोरेक्स सिटी ऑफ इंडिया’ कहे जाने पर जताई चिंता
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रीवा। शहर में नशीली सिरप की कथित बिक्री और बढ़ती नशे की प्रवृत्ति के खिलाफ रविवार को शहीद भगत सिंह सेवा समिति ने अनूठे अंदाज में विरोध प्रदर्शन किया। समिति के सदस्य कोरेक्स की खाली शीशियों की माला पहनकर शहर के अग्रसेन चौक और कोठी कंपाउंड पहुंचे। यहां उन्होंने हाथों में झाड़ू लेकर सफाई की और लोगों को नशे से दूर रहने के साथ स्वच्छता का संदेश दिया।
समिति के सदस्यों ने अपने प्रदर्शन के जरिए नशीली सिरप के कारोबार पर प्रभावी कार्रवाई की मांग उठाई। उनका कहना था कि नशे की गिरफ्त में सबसे ज्यादा युवा वर्ग प्रभावित हो रहा है। समिति अध्यक्ष सुजीत द्विवेदी ने कहा कि नशीली सिरप युवाओं के भविष्य के लिए गंभीर चिंता का विषय है। इंटरनेट पर रीवा को ‘कोरेक्स सिटी ऑफ इंडिया’ जैसे नाम से संबोधित किए जाने का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि ऐसी पहचान शहर के लिए गौरव की नहीं, बल्कि चिंता की बात है।
नशे से युवा ही नहीं, परिवार भी प्रभावित
सुजीत द्विवेदी ने कहा कि नशे की लत का असर केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य तक सीमित नहीं रहता, बल्कि इससे पूरे परिवार की आर्थिक और सामाजिक स्थिति प्रभावित होती है। युवा देश का भविष्य हैं, इसलिए उन्हें नशे की गिरफ्त से बचाने के लिए समाज के हर वर्ग को अपनी जिम्मेदारी निभानी होगी।
उन्होंने कहा कि केवल प्रशासनिक कार्रवाई से नशे की समस्या पूरी तरह खत्म नहीं होगी। इसके लिए अभिभावकों, सामाजिक संगठनों, युवाओं और आम नागरिकों को भी जागरूकता अभियान में भागीदारी करनी होगी।
सेवा और जनजागरूकता अभियान के तहत आयोजन
समिति के अनुसार यह कार्यक्रम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मोत्सव के उपलक्ष्य में 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक चलाए जा रहे सेवा एवं जनजागरूकता कार्यक्रम तथा गांधी जयंती के अवसर पर 2 से 8 अक्टूबर तक आयोजित स्वच्छता एवं नशामुक्ति अभियान के तहत किया गया। समिति सदस्यों ने लोगों से शहर को स्वच्छ रखने और युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए सामूहिक प्रयास करने की अपील की।


