युवाओं ने उठाया नशामुक्त समाज का संकल्प, BSW-MSW विद्यार्थियों को किया जागरूक

तपस गुप्ता

Reporter | Updated: 04 Oct 2026, 12:02 PM IST | 1 min read
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AI Generated Notice / एआई जनरेटेड फोटो या खबर यह मुख्य चित्र या समाचार सामग्री कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) तकनीक की सहायता से तैयार की गई है।
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उमरिया तपस गुप्ता (7999276090)

मद्य निषेध सप्ताह अभियान के तहत सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग, मध्यप्रदेश के मार्गदर्शन तथा शुभम समाजसेवी संस्थान, जिला उमरिया के सहयोग से जन अभियान परिषद द्वारा संचालित BSW एवं MSW पाठ्यक्रम के छात्र-छात्राओं के लिए नशामुक्ति जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को नशे के दुष्परिणामों से अवगत कराते हुए उन्हें नशामुक्त समाज के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित करना रहा।

कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को नशाबंदी एवं नशामुक्ति से संबंधित साहित्य, पोस्टर और पंपलेट वितरित किए गए। इन सामग्रियों के माध्यम से नशे के कारण होने वाले विभिन्न दुष्परिणामों तथा इससे बचाव के उपायों की जानकारी दी गई। विद्यार्थियों को बताया गया कि नशे की लत केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य को ही प्रभावित नहीं करती, बल्कि इसका असर पूरे परिवार और समाज पर पड़ता है।

इस अवसर पर “नशामुक्त समाज के निर्माण में युवाओं की भूमिका” विषय पर संगोष्ठी का आयोजन भी किया गया। संगोष्ठी में नशे के कारण होने वाले शारीरिक, मानसिक, आर्थिक और सामाजिक दुष्प्रभावों पर विस्तार से चर्चा की गई। वक्ताओं ने कहा कि युवा वर्ग समाज में जागरूकता फैलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। यदि युवा स्वयं नशे से दूर रहें और अपने आसपास के लोगों को भी इसके नुकसान के प्रति जागरूक करें तो नशामुक्ति अभियान को व्यापक स्तर पर गति मिल सकती है।

कार्यक्रम के दौरान छात्र-छात्राओं से अपील की गई कि वे नशे से दूर रहने के साथ ही अपने परिवार, मित्रों और आसपास के लोगों को भी नशीले पदार्थों से होने वाले नुकसान के बारे में जानकारी दें। विद्यार्थियों को यह भी समझाया गया कि नशे की शुरुआत अक्सर छोटी आदत के रूप में होती है, लेकिन धीरे-धीरे यह व्यक्ति के जीवन, शिक्षा, रोजगार और पारिवारिक संबंधों को प्रभावित करu सकती है।

जागरूकता कार्यक्रम के अंतर्गत विद्यार्थियों को ऑनलाइन लिंक के माध्यम से e-Pledge भी दिलाई गई। विद्यार्थियों ने नशे से दूर रहने तथा नशामुक्त समाज के निर्माण में अपना सक्रिय योगदान देने का संकल्प लिया। इस दौरान छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता करते हुए समाज में नशे के खिलाफ जागरूकता फैलाने की प्रतिबद्धता व्यक्त की।

कार्यक्रम में यह संदेश दिया गया कि नशामुक्त समाज का निर्माण केवल किसी एक विभाग या संस्था की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि इसमें समाज के प्रत्येक वर्ग की सहभागिता आवश्यक है। विशेष रूप से युवाओं की जागरूकता और सक्रिय भागीदारी नशामुक्ति अभियान को मजबूत आधार प्रदान कर सकती है।

आयोजकों ने कहा कि ऐसे जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से युवाओं को नशे के दुष्परिणामों की जानकारी देने के साथ उन्हें सकारात्मक गतिविधियों से जोड़ने का प्रयास लगातार जारी रहेगा।

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