उमरिया तपस गुप्ता(7999276090)
नौरोजाबाद वेस्ट कालरी में संडे की बिक्री को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है। कोयला खदानों में रविवार को मिलने वाले अवकाश और ड्यूटी व्यवस्था को लेकर उठ रहे सवालों के बीच यह चर्चा तेज हो रही है कि आखिर संडे की बिक्री पर रोक क्यों नहीं लग पा रही है। वहीं, ड्यूटी लगाने की व्यवस्था में कथित सेटिंग की चर्चाएं भी कर्मचारियों के बीच सुर्खियां बटोर रही हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि जब व्यवस्था की जिम्मेदारी प्रबंधन की है, तो फिर इन चर्चाओं पर विराम लगाने के लिए ठोस कदम क्यों नहीं उठाए जा रहे हैं?
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संडे की बिक्री पर आखिर किसका नियंत्रण
कालरी क्षेत्र में संडे की बिक्री को लेकर लगातार सवाल उठने की चर्चा है। हालांकि, संडे की बिक्री से आशय किस तरह की व्यवस्था से है और इसमें कौन-कौन शामिल हैं, इसकी आधिकारिक पुष्टि होना बाकी है। यदि रविवार की ड्यूटी, अवकाश अथवा उससे जुड़े किसी लाभ के बदले लेन-देन की बात सामने आ रही है, तो यह गंभीर विषय है। ऐसी स्थिति में केवल चर्चाओं तक सीमित रहने के बजाय निष्पक्ष जांच कराना जरूरी हो जाता है।
ड्यूटी व्यवस्था में सेटिंग की चर्चा
कालरी कर्मचारियों के बीच ड्यूटी लगाने की व्यवस्था को लेकर भी तरह-तरह की चर्चाएं होने की बात सामने आ रही है। आरोपों और चर्चाओं के बीच सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या ड्यूटी का निर्धारण निर्धारित नियमों और पारदर्शी प्रक्रिया के अनुसार हो रहा है? यदि कहीं पक्षपात या अनियमितता की शिकायत है, तो उसकी जांच कौन करेगा और जवाबदेही किसकी तय होगी।
हालांकि, इन चर्चाओं के आधार पर किसी अधिकारी या कर्मचारी को दोषी ठहराना उचित नहीं होगा। लेकिन यदि कर्मचारियों के बीच ऐसी बातें लगातार उठ रही हैं, तो प्रबंधन को तथ्यों की जांच कर स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।
जीएम की निगरानी पर सवाल
अब निगाहें कालरी के महाप्रबंधक (जीएम) और संबंधित अधिकारियों पर टिकी हैं। क्या प्रबंधन को इन चर्चाओं की जानकारी है? क्या ड्यूटी चार्ट, उपस्थिति रजिस्टर और संडे से संबंधित रिकॉर्ड की नियमित जांच की जा रही है? यदि व्यवस्था पूरी तरह नियमों के अनुरूप है, तो प्रबंधन को पारदर्शिता के साथ स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।
जांच होगी या चर्चाएं चलती रहेंगी
नौरोजाबाद वेस्ट कालरी में उठ रहे इन सवालों का जवाब तथ्यों और दस्तावेजों से ही मिल सकता है। जरूरत है कि संबंधित प्रबंधन ड्यूटी आवंटन, उपस्थिति और संडे से जुड़े नियमों की जांच कराए। यदि किसी स्तर पर अनियमितता प्रमाणित होती है, तो नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि संडे की बिक्री की चर्चाओं और ड्यूटी में कथित सेटिंग के आरोपों पर प्रबंधन कब संज्ञान लेगा। कर्मचारियों और क्षेत्र के लोगों को उम्मीद है कि जिम्मेदार अधिकारी मामले की निष्पक्ष जांच कर व्यवस्था को पारदर्शी बनाएंगे।



