एसडीएम ने तोड़ी आबकारी विभाग की नींद , 46 बल्क लीटर शराब जब्त

तपस गुप्ता

Reporter | Updated: 28 Oct 2026, 05:03 PM IST | 1 min read
Share:

उमरिया तपस गुप्ता (7999276090)

जिले में अवैध शराब के भंडारण और बिक्री पर अंकुश लगाने की जिम्मेदारी आबकारी विभाग की है, लेकिन बांधवगढ़ एसडीएम अंबिकेश प्रताप सिंह के नेतृत्व में हुई कार्रवाई ने विभाग की मैदानी निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। हाईवे से लगे ढाबों और दुकानों की जांच में दो अलग-अलग स्थानों सहित कई प्रतिष्ठानों से कुल 46 बल्क लीटर अवैध रूप से रखी देशी और विदेशी शराब जब्त की गई। कार्रवाई ने आबकारी विभाग की सक्रियता और नियमित जांच के दावों को कठघरे में खड़ा कर दिया है।

कलेक्टर श्रीमती राखी सहाय ने जिले में अवैध शराब के भंडारण, परिवहन और विक्रय पर रोक लगाने के निर्देश दिए थे। इन निर्देशों के पालन में एसडीएम बांधवगढ़ अंबिकेश प्रताप सिंह के नेतृत्व में टीम ने हाईवे से लगे ढाबों और दुकानों पर आकस्मिक जांच की। इस दौरान अलग-अलग प्रतिष्ठानों में शराब का भंडारण सामने आया। कार्रवाई में प्रभारी तहसीलदार दिलीप सोनी और आबकारी टीम भी मौजूद रही।

ताला खुलवाया तो सामने आया शराब का भंडार

ग्राम भरौला स्थित गगन ढाबे की जांच के दौरान संचालक गगन असाटी से चाबी लाने के लिए कहा गया। वह चाबी लेने गए, लेकिन वापस नहीं लौटे। इसके बाद मौके पर पंचनामा तैयार कर ताला तुड़वाया गया। जांच में ढाबे से 28.6 बल्क लीटर शराब जब्त हुई। इसमें 8 पीएम, इम्पीरियल ब्लू, गोवा व्हिस्की, बॉम्बे स्पेशल व्हिस्की, मदिरा प्लेन और स्ट्रांग बीयर शामिल थीं।

इसी गांव में विपिन गुप्ता की दुकान से 5.4 बल्क लीटर शराब जब्त की गई। शहंशाह ढाबे से 0.52 बल्क लीटर, ग्राम निगहरी स्थित देवांश ढाबे से 6.84 बल्क लीटर, मनु ढाबे से 2.16 बल्क लीटर और शैलू ढाबे से 3.56 बल्क लीटर देशी-विदेशी शराब जब्त की गई। कुल जब्ती 46 बल्क लीटर बताई गई है। जब्त शराब आबकारी विभाग को सुपुर्द कर दी गई।

कार्रवाई एसडीएम की, निगरानी पर सवाल आबकारी विभाग के

इस पूरे घटनाक्रम में सबसे अहम पहलू यह है कि जिले में अवैध शराब के खिलाफ प्रभावी निगरानी की जिम्मेदारी आबकारी विभाग की है। इसके बावजूद ढाबों और दुकानों पर शराब का भंडारण मिलने के बाद विभाग की नियमित जांच व्यवस्था पर सवाल उठना स्वाभाविक है। हाईवे से लगे प्रतिष्ठानों में इस तरह की कार्रवाई की नौबत आना बताता है कि निगरानी व्यवस्था की समीक्षा जरूरी है।

एसडीएम के नेतृत्व में हुई कार्रवाई ने यह भी स्पष्ट किया कि प्रशासन चाहे तो आकस्मिक जांच के जरिए अवैध शराब के भंडारण का पता लगा सकता है। अब आबकारी विभाग के सामने चुनौती केवल जब्त शराब का रिकॉर्ड संभालने की नहीं, बल्कि ऐसे प्रतिष्ठानों पर नियमित निगरानी रखने और नियमों के उल्लंघन पर प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने की है।

जिला मुख्यालय और उसके आसपास के क्षेत्रों में ही ऐसी स्थिति सामने आने से जिले के अन्य इलाकों में निगरानी व्यवस्था को लेकर भी चिंता बढ़ती है। जरूरत इस बात की है कि आबकारी विभाग कागजी कार्रवाई से आगे बढ़कर नियमित निरीक्षण और जवाबदेही सुनिश्चित करे, ताकि अवैध शराब के भंडारण और बिक्री पर वास्तविक अंकुश लग सके।