ढोल-नगाड़ों और नाचते-गाते विद्यार्थियों ने दी गुरुजी को विदाई, भावुक हुए शिक्षक प्रेमलाल साकेत; टंसार में यादगार बना विदाई समारोह
सीधी। जिले के आदिवासी अंचल कुसमी के ग्राम टंसार स्थित शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में गुरुवार को एक ऐसा विदाई समारोह आयोजित किया गया, जिसने गुरु और शिष्य के रिश्ते की खूबसूरत तस्वीर पेश की। यहां सेवानिवृत्त हो रहे शिक्षक प्रेमलाल साकेत को विदाई देने के लिए विद्यार्थियों, शिक्षकों और ग्रामीणों ने ऐसा आयोजन किया कि पूरा गांव उत्सव के रंग में रंग गया। ढोल-नगाड़ों की धुन पर विद्यार्थी ही नहीं, बल्कि शिक्षक भी जमकर थिरकते नजर आए।
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विदाई समारोह की शुरुआत सुबह 9 बजे हुई। इस दौरान विद्यालय परिसर से रैली निकाली गई, जिसमें बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं और शिक्षक शामिल हुए। बैंड-बाजे के साथ निकली रैली में विद्यार्थी नाचते-गाते अपने प्रिय गुरुजी को विदाई देते दिखाई दिए। समारोह का माहौल किसी उत्सव से कम नहीं था। खास बात यह रही कि विद्यार्थियों के साथ शिक्षकों ने भी जमकर डांस किया और प्रेमलाल साकेत के प्रति अपना सम्मान और स्नेह जाहिर किया।
गांव के निवासी महेंद्र सिंह ने बताया कि प्रेमलाल साकेत ने अपने शिक्षकीय जीवन की शुरुआत प्राथमिक शिक्षक के रूप में की थी और पदोन्नति पाकर उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के शिक्षक बने। उन्होंने जिन भी विषयों का अध्यापन कराया, उनमें विद्यार्थियों के प्रति उनका विशेष लगाव रहा। उन्होंने बच्चों को कभी केवल विद्यार्थी नहीं समझा, बल्कि अपने बच्चों की तरह उनकी देखभाल और मार्गदर्शन किया। यही वजह है कि आज उनकी विदाई पर पूरा गांव, शिक्षक और विद्यार्थी एकजुट होकर समारोह मना रहे हैं।
बताया गया कि प्रेमलाल साकेत की सेवानिवृत्ति की निर्धारित तिथि 31 अक्टूबर थी, लेकिन उनके सम्मान में गुरुवार को विदाई समारोह आयोजित किया गया।
वहीं शिक्षक प्रेमलाल साकेत ने भावुक होते हुए कहा कि विद्यालय और विद्यार्थियों का जो प्यार उन्हें सदैव मिला है, उसे वह जीवनभर याद रखेंगे। यह पल उनके जीवन की सबसे खूबसूरत यादों में शामिल रहेगा। कार्यक्रम में विद्यालय के आसपास के क्षेत्र के कई जनप्रतिनिधि भी मौजूद रहे।



