त्योहार सिर पर, जेब खाली!नौ माह से वेतन को तरस रहे स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी,CMHO और कलेक्टर से

राजू गुप्ता (स्टेट हेड)

Reporter | Updated: 29 Oct 2026, 02:17 PM IST | 1 min read
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त्योहार सिर पर, जेब खाली!नौ माह से वेतन को तरस रहे स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी,CMHO और कलेक्टर से लगाई गुहार…

सीधी, मध्य प्रदेश। जिले के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में सेवाएं दे रहे मल्टीटास्क कर्मचारियों, प्यून और डाटा एंट्री ऑपरेटरों के सामने गंभीर आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। कर्मचारियों का कहना है कि करीब 50 से अधिक कर्मियों को पिछले नौ माह से वेतन नहीं मिला है। लंबे समय से मेहनताना नहीं मिलने के कारण अब उनके सामने परिवार का भरण-पोषण करने और त्योहार मनाने तक की समस्या खड़ी हो गई है।

नौ माह से ड्यूटी जारी, लेकिन वेतन का इंतजार बरकरार
अस्पतालों में मरीजों की सेवा से लेकर व्यवस्थाओं को सुचारु बनाए रखने तक की जिम्मेदारी निभाने वाले इन कर्मचारियों का आरोप है कि वे नियमित रूप से अपनी ड्यूटी कर रहे हैं, लेकिन इसके बदले मिलने वाला वेतन महीनों से लंबित है। कर्मचारियों के सामने सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर बिना वेतन के वे अपने परिवार की जरूरतें कैसे पूरी करें?

CMHO और कलेक्टर को आवेदन, फिर भी नहीं निकला समाधान

लंबित वेतन के भुगतान को लेकर कर्मचारी कई बार मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO), सीधी से गुहार लगा चुके हैं। कर्मचारियों के मुताबिक, करीब एक माह पहले जिला कलेक्टर एवं CMHO को भी आवेदन सौंपकर वेतन भुगतान की मांग की गई थी। इसके बावजूद अब तक कोई ठोस पहल नहीं होने से कर्मचारियों में निराशा है।

त्योहार बीते, दीपावली सामने; परिवार की चिंता बढ़ी
रक्षाबंधन और दशहरा जैसे त्योहार बीत चुके हैं, जबकि दीपावली का त्योहार सामने है। ऐसे में नौ माह से वेतन नहीं मिलने के कारण कर्मचारियों के लिए घर-परिवार की जरूरतें पूरी करना मुश्किल हो रहा है। त्योहारों के इस दौर में आर्थिक तंगी ने उनकी परेशानियां और बढ़ा दी हैं।

जनसुनवाई में पहुंचकर कलेक्टर से लगाई गुहार

अपनी समस्याओं के समाधान की उम्मीद लेकर कर्मचारी मंगलवार को जिला मुख्यालय में आयोजित जनसुनवाई में पहुंचे। यहां उन्होंने कलेक्टर के समक्ष अपनी पीड़ा रखते हुए लंबे समय से लंबित वेतन का भुगतान कराने की मांग की। हालांकि, कर्मचारियों का कहना है कि अब तक उनकी समस्या का समाधान नहीं हो सका है।

आखिर कब जागेगा जिम्मेदार विभाग?

नौ माह तक वेतन नहीं मिलने की स्थिति ने कर्मचारियों को आर्थिक संकट में डाल दिया है। अब सवाल यह है कि जब कर्मचारी लगातार अपनी जिम्मेदारियां निभा रहे हैं, तो उन्हें उनके मेहनताने के लिए इतना लंबा इंतजार क्यों करना पड़ रहा है?

जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदार अधिकारी इस मामले में कब तक कार्रवाई करेंगे और कर्मचारियों के खातों में लंबित वेतन की राशि कब पहुंचेगी?

अब सभी की निगाहें जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के अगले कदम पर टिकी हैं।

कर्मचारियों को उम्मीद है कि जिम्मेदार अधिकारी उनकी समस्या को गंभीरता से लेते हुए जल्द वेतन भुगतान सुनिश्चित करेंगे, ताकि उन्हें इस आर्थिक संकट से राहत मिल सके।