संजय गांधी ताप विद्युत केंद्र की शिकायत मुख्यमंत्री तक पहुंची, राम आश्रय शर्मा पर मारपीट के आरोप

तपस गुप्ता

Reporter | Updated: 15 Oct 2026, 02:27 PM IST | 1 min read
🤖
AI Generated Notice / एआई जनरेटेड फोटो या खबर यह मुख्य चित्र या समाचार सामग्री कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) तकनीक की सहायता से तैयार की गई है।
Share:

संजय गांधी ताप विद्युत केंद्र की शिकायत मुख्यमंत्री तक पहुंची,राम आश्रय शर्मा पर मारपीट के आरोप, पाली पुलिस की कार्रवाई पर भी उठे सवाल

उमरिया तपस गुप्ता(7999276090)

संजय गांधी ताप विद्युत केंद्र, बिरसिंहपुर पाली की कार्यप्रणाली और कथित अनियमितताओं को लेकर विवाद अब प्रदेश के मुख्यमंत्री तक पहुंच गया है। उमरिया जिले के गुरुवाही में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के कार्यक्रम के दौरान जिला पंचायत सदस्य एवं सहकारिता और उद्योग समिति की सभापति बेला अर्जुन सिंह सैयाम ने उन्हें पत्र सौंपकर पूरे मामले से अवगत कराया और उच्चस्तरीय जांच की मांग की। पत्र में कार्यपालन अभियंता राम आश्रय शर्मा पर ठेकेदार नीरज मिश्रा द्वारा लगाए गए मारपीट, गाली-गलौज और धमकी के आरोपों के साथ ही मुख्य अभियंता एच.के. त्रिपाठी के कार्यकाल में कथित अनियमितताओं की जांच कराने का अनुरोध किया गया है। ठेकेदार का आरोप है कि पाली थाने और पुलिस अधीक्षक उमरिया को शिकायत देने के बावजूद अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई, जिसके बाद मामला मुख्यमंत्री तक पहुंचा।

थाना से एसपी कार्यालय और फिर मुख्यमंत्री तक पहुंची शिकायत

ठेकेदार नीरज मिश्रा के अनुसार, 5 अक्टूबर 2026 को संजय गांधी ताप विद्युत केंद्र के सिविल डिवीजन क्रमांक-2 की टेंडर प्रक्रिया में भाग लेने के बाद उन्हें कार्यालय बुलाया गया। उनका आरोप है कि वहां कार्यपालन अभियंता राम आश्रय शर्मा ने उनके साथ गाली-गलौज, मारपीट और धमकी दी। ठेकेदार ने इस घटना के संबंध में लिखित शिकायत देने और मेडिकल परीक्षण कराने की जानकारी दी है।

मिश्रा के मुताबिक, उन्होंने सबसे पहले पाली थाने में शिकायत प्रस्तुत की। कार्रवाई नहीं होने का आरोप लगाते हुए बाद में पुलिस अधीक्षक उमरिया को भी आवेदन सौंपा और एफआईआर दर्ज कर निष्पक्ष जांच की मांग की। इसके बावजूद अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने की शिकायत अब जनप्रतिनिधि के माध्यम से मुख्यमंत्री तक पहुंची है।

इस घटनाक्रम में पाली पुलिस की कार्यप्रणाली भी चर्चा में है। शिकायत पर अब तक क्या कार्रवाई हुई, जांच किस स्तर पर है और संबंधित साक्ष्यों का परीक्षण किया गया या नहीं, इसकी आधिकारिक स्थिति स्पष्ट होना जरूरी है। पुलिस की ओर से तथ्यात्मक जानकारी सामने आने से मामले की वास्तविक स्थिति समझने में मदद मिलेगी।

कार्यपालन अभियंता पर गंभीर आरोप, साक्ष्यों की जांच जरूरी

सरकारी विद्युत परियोजना में टेंडर प्रक्रिया के दौरान किसी ठेकेदार के साथ कथित मारपीट और धमकी का मामला गंभीर है। यदि आरोप प्रमाणित होते हैं, तो यह विभागीय अनुशासन और निविदा प्रक्रिया की पारदर्शिता से जुड़ा विषय होगा।

मामले की निष्पक्ष जांच के लिए कार्यालय की सीसीटीवी फुटेज, मेडिकल रिपोर्ट, संबंधित कर्मचारियों के बयान और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों की समीक्षा की जानी चाहिए। कार्यपालन अभियंता राम आश्रय शर्मा का पक्ष भी सामने आना चाहिए, ताकि किसी पूर्वाग्रह के बिना तथ्यों के आधार पर निष्कर्ष निकाला जा सके।

मुख्य अभियंता एच.के. त्रिपाठी के कार्यकाल की भी जांच की मांग

मुख्यमंत्री को सौंपे गए पत्र में जिला पंचायत सदस्य बेला अर्जुन सिंह सैयाम ने मुख्य अभियंता एच.के. त्रिपाठी के कार्यकाल में कथित अनियमितताओं, भ्रष्टाचार और प्रशासनिक मनमानी से संबंधित शिकायतों का उल्लेख किया है। उन्होंने टेंडर प्रक्रिया, निर्माण कार्यों, वित्तीय निर्णयों और प्रशासनिक व्यवस्था की स्वतंत्र उच्चस्तरीय जांच कराने का अनुरोध किया है।

जांच के दौरान संबंधित निविदाओं, भुगतान अभिलेखों, निर्माण कार्यों और विभागीय निर्णयों की समीक्षा महत्वपूर्ण होगी। यदि किसी भी स्तर पर अनियमितता प्रमाणित होती है, तो जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए। फिलहाल, पत्र में लगाए गए आरोप जांच का विषय हैं और उनकी पुष्टि सक्षम जांच के बाद ही हो सकेगी।

गुरुवाही में मुख्यमंत्री को पत्र देकर मांगा हस्तक्षेप

जिला पंचायत सदस्य ने गुरुवाही में मुख्यमंत्री को पत्र सौंपकर ठेकेदार की शिकायत पर पुलिस विभाग से तथ्यात्मक रिपोर्ट लेने, मामले की निष्पक्ष जांच कराने और संजय गांधी ताप विद्युत केंद्र की कार्यप्रणाली की समीक्षा करने की मांग की है। पत्र में जनप्रतिनिधियों की शिकायतों और सुझावों पर समयबद्ध सुनवाई सुनिश्चित करने का अनुरोध भी किया गया है।

अब यह मामला स्थानीय पुलिस और विद्युत केंद्र प्रबंधन तक सीमित नहीं रहा, बल्कि शासन स्तर पर भी ध्यान आकर्षित कर चुका है। ठेकेदार की शिकायत पर कार्रवाई की स्थिति स्पष्ट करना, संबंधित अधिकारियों की भूमिका की निष्पक्ष समीक्षा करना और कथित अनियमितताओं की जांच कराना इस पूरे प्रकरण में महत्वपूर्ण कदम होंगे। मुख्यमंत्री को सौंपे गए पत्र के बाद अब संबंधित विभागों की कार्रवाई पर निगाहें टिकी हैं।

🤖
AI Generated Notice / एआई जनरेटेड खबर यह समाचार लेख या सामग्री कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) तकनीक की सहायता से तैयार की गई है।